मैंने पिछली एक पोस्ट में अपने गांव की कुछ तस्वीरें लगायी थी। इस पोस्ट में एक बार फिर अपने गांव की कुछ और तस्वीरें लगा रही हूं।मेरे गांव का पुल मेरा गांव सुबह के समय मेरे गांव का मन्दिरयह मन्दिर स्थानीय भगवान एैडी जी का है। मेरे गांव के खेत मेरे
अपने आस-पास ही अगर देखें तो बहुत से ऐसे पक्षी हैं जिन्हें हम रोजाना देखते हैं। चाहे वह घरेलू चिड़िया गौरेया, कौवा, कबूतर या फिर सिटोला (जंगली मैना) और बुलबुल ही क्यों न हो। यह पक्षी अपने अंदर एक अद्भुद दुनियाँ लिये होते हैं।पक्षी अपने लिये अलग-अलग तरह के
नैनीताल में 15 अगस्त को बच्चों का उत्साह कुछ ऐसा थापिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस मैंने अपने गांव के प्राइमरी स्कूल के बच्चों के साथ मनाया थाdocument.getElementById("blogvaniframe").src = "http://www.blogvani.com/blogup.aspx?url=" + window.location.href;
भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान से डाँगमाल पहुँचने का अपना यात्रा वृत्तांत इस श्रृंखला की पिछली दो प्रविष्टियों में समेट चुका हूँ पर इससे पहले डाँगमाल द्वीप (Dangmal Island) और फिर इकाकुला के समुद्री तट की ओर आपको ले चलूँ मैनग्रोव के जंगलों के बीच से की गई
पोखरा के सूर्योदय के बारे में लिखते समय मैंने कहा था कि इस श्रृंखला की अगली पोस्ट में चर्चा एक ऍसे सूर्योदय की होगी जिस अपनी आँखों के सामने हमेशा हमेशा के लिए क़ैद करने के लिए मेरा क़ैमरा मेरे पास था। ये एक ऐसा सूर्योदय था जिस में मुझे सूर्य तो नहीं