यू.के. से फ़हीम अख़्तर की लघुकथा – लाल कुर्सी
लाल कुर्सी फ़हीम अख़्तर लन्दन, यू.के. जूली और उसके शौहर दोनों मार्केट में घूम रहे थे कि अचानक जूली कि नज़र उस कुर्सी पर पड़ी जो बेहद बड़ी और लाल कपड़ों में पूरी तरह ढकी हुई थी. जूली के आग्रह पर उसका शौहर उस कुर्सी को ख़रीदने को तैयार हो गया. अब जूली का
May 13 2010 04:57 AM



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