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Countless blessings of God हे मानव! दयालु दाता को छोड़कर तू किसके सामने अपनल झोली फैला रहा है और किसे शीश नवा रहा है ?

आरम्भ अल्लाह के नाम से जो अत्यन्त दयालु सदा कृपाशील है । आ गया परमेश्वर का आदेश, सो उस (प्रलय और प्रकोप) की जल्दी न करो। वह पवित्र और महान है उससे जिसको वे साझीदार ठहराते हैं।वह फ़रिश्तों को रूह के साथ अपने हुक्म से अपने बन्दों में से जिस पर चाहता है
 
DR. ANWER JAMAL
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सहज पके सो मीठा होय ?

समय के साथ बहुत सारी लोकोक्तियाँ व मुहावरे अपनी सार्थकता खो बैठे हैं या उन्हें पलट ही दिया गया है। बचपन से सुनते आए थे कि धीरे धीरे पका हुआ फल ही स्वाद होता है। पेड़ पर पका हुआ तो सबसे स्वाद होता है। किन्तु आज फलों को पेड़ पर पकाना तो दूर की बात है उन्हें
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सिकंदर व ह्वेनसांग ने गर्मियों में चखा... लेकिन आप सर्दियों में भी ले सकेंगे स्‍वाद !

आ म यानी मेग्नीफेरा इंडिका का रसदार फल। फलों का राजा। भारत का राष्‍ट्रीय फल। महाकवि कालीदास ने इसकी प्रशंसा में गीत लिखे। यूनान के प्रतापी शासक सिकंदर व चीनी धर्मयात्री ह्वेनसांग जैसों ने इसका स्‍वाद चखा। मुगल बादशाह अकबर ने दरभंगा में इसके एक लाख पौ
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अपने विश्वास से मत खेलो-आलेख

मेरा विश्वास टूट गया’,यह शब्द कहकर लोग अपनी निराशा का गुब्बार निकालते हैं। ऐेसा लगता है कि लोगों का विश्वास न होकर पानी का बुलबुला हो जो तुरंत बनता और बिगड़ता हो या फिर कांच का ग्लास हो जो हाथ से गिरते ही टूट जाता है। आश्चर्य तब होता है जब यह विश्वास
 
दीपक भारतदीप
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