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शुद्धता

एक बार स्वामी विवेकानंद अमेरीका की यात्रा से स्वदेश लौट रहे थे। उनके प्रशंसक बंदरगाह पर उनका इंतजार कर रहे थे। जैसे ही स्वामी जी बंदरगाह पर उतरे तो उतरते ही वे रज में लोटने लगे। उनके प्रशंसकों ने उन्हें मिट्टी में इस प्रकार लोटते हुए देखा तो वे हैरान रह
 
दिनेश शर्मा
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हेट्‍स ऑफ यू, अभिनया

मैं अपने कॉफे में सिनेमा के टिकट भी बेचता हूं, क्यों कि मैने इजीमूवीज की फ्र्न्चाईजी ले रखी है। इस काम के लिये कुछ दिनों पहले मुझे एक थियेटर में जाना पड़ा, वहां एक बहुत बड़ा पोस्टर दिखा फिल्म थी शम्बो शिव शम्बो। इस पोस्टर पर एक नवोदित अभिनेत्री अभिनया का
 
सागर नाहर
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मैं आपको प्रेरित नहीं कर सकता, केवल आप ही अपने को प्रेरित कर सकते है

किसी अन्य को प्रेरित करना बहुत कठिन है। हम स्वयं अपनी धारणाओं के आधार पर अपने से ही प्रेरित होते है। व्यक्ति अन्य किसी बात की तुलना में अपनी प्रेरणाओं के लिए सबसे अधिक उत्तरदायी होता हैं। आप तो पहले से प्रेरित हैं। यह इस बात से स्पष्ट है कि आप यह ब्लोग
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डॉ नौतम भट्ट- एक अज्ञात भारतीय-वैज्ञानिक

या नींव के पत्थर!! आपमें से कितने लोगों ने डॉ नौतम भगवान लाल भट्ट का नाम सुना है? अच्छा अब बताइये आपने अग्‍नि, पृथ्वी, त्रिशूल, नाग, ब्रह्मोस,धनुष, तेजस, ध्रुव, पिनाका, अर्जुन, लक्ष्य, निशान्त, इन्द्र, अभय, राजेन्द्र, भीम, मैसूर, विभुति, कोरा, सूर्य.
 
सागर नाहर
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श्रीलक्ष्मी सुरेश: छोटी उम्र में बड़े कारनामे

जिस उम्र में छोटी बच्चियां गुड्डे- गुड्डियो के विवाह करवाने के खेल खेला करती है, उस उम्र में केरल की एक छोटी सी बच्ची श्रीलक्ष्मी सुरेश ने वेब डिजाईन करना शुरु कर दिया। छ: साल की उम्र में अपनी स्कूल की साईट बनाई उसके बाद श्रीलक्ष्मी रुकी नहीं और कुछ
 
सागर नाहर
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लेखना मागची प्रेरणा

आपण का लिहीतो......मेघनाने हा प्रश्न विचारला तिच्या खो खो च्या खेळात, तेव्हा पासून विचार करतेय... का लिहावसं वाटतं आपल्याला? ही ऊर्मी तशी फार आधीपासूनचीच...कॉलेज च्या वार्षिकांकातले लेखन, त्याही आधी निबंध स्पर्धांमध्ये मिळवलेली बक्षिसं, गझलांची विश्लेषणं