याद तुम्हारी आई (गीत)
फिर सज गई शाम सिंदूरीमैसम ने ली अंगड़ाईमुझे याद तुम्हारी आई ......फूलों पर गुन गुनाए भ्रमरहर कली कली शरमाईमुझे याद तुम्हारी आई ......हंस हंसिनी चले रे घर कोचातक का कटा कलेशचंदा ने भी अम्बर सेकैसी प्रेम सुधा बरसाईमुझे याद तुम्हारी आई ....राह तकत तट थकी
Feb 09 2010 05:07 AM



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