यू.के. से प्राण शर्मा की दो लघुकथाएं
‘राज़ ‘ - प्राण शर्मा धर्मपाल ने टेलिफ़ोन का चोगा उठाकर सतपाल का फ़ोन नंबर मिलाया.फ़ोन की लाइन अंगेज थी.” पता नहीं कि लोग फोन पर क्या- क्या बातें करते हैं? घंटों ही लगा देते हैं.किसी और को बातकरने का मौक़ा ही नहीं देते हैं.” खीझ कर
Jun 08 2010 10:22 PM



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