ओह! पुरस्कार ठुकरा दिया, अरे यह क्या गजब किया कविवर?
खबर है कि हिंदी साहित्य के एक बड़े कवि ने एक बड़े साहित्यिक पुरस्कार को ठोकर मार दी है। पुरस्कार को ठोकर और वो भी हिंदी के साहित्यकार द्वारा, बात कुछ हजम नहीं हुई। मेरे विचार में बड़े कवि ने बड़ा पुरस्कार ठुकराकर अच्छा नहीं किया। जैसे-तैसे जोड़-जुगाड़
Mar 22 2010 11:06 AM



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