परशुराम-स्तुति
अक्षय तृतीया पर विशेष प्रस्तुती [१]नयन करुणा समम दृष्टि सौम्यता मुख प्रेम वृष्टि ब्रह्म तेजस निःसृती इव ....................... गंधित कमले [यययी..ययी]....................... परशुराम नमे [यययी..ययी]....................... परशुराम नमे
May 16 2010 01:12 PM



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