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दिलों को जीतिए मगर प्यार से

कहा जाता है कि प्यार से इन्सान दुनिया जीत सकता है और नफरत अपनों को भी दूर कर देती है। यह बात सुनने में ही नहीं बल्कि यथार्थ में भी अपना करिश्मा दिखाती है।प्यार शब्द अपने आप में बहुत ही मीठा अहसास लिए होता है जो दोस्तों, दुश्मनों सभी को अच्छा लगता है।
 
love is life
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प्यार

प्यार बस प्यार है दोस्तों , ज़ीस्त का सार है दोस्तों।चांदनी बेवफ़ा है अगर , चांद की हार है दोस्तों ।मुल्क मे मूर्खों का राज गर, ग्यान बेकार है दोस्तों।इश्क़ के हाट मे सुख नहीं, गम का बाज़ार है दोस्तों।मेरे मन की ये गलती नहीं,दिल गुनहगार है दोस्तों।दोस्त हूं
 
ѕнαιя ∂я. ѕαηנαу ∂αηι
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"सत्य"

जो वो आ जाए एक बार ***** {कविता} ***** सन्तोष कुमार "प्यासा"इस कविता को मैंने "महादेवी वर्मा" की कविता "जो तुम आ जाते एक बार" से, प्रेरित होकर लिखा है ******************************* घनीभूत पीड़ा में ह्रदय डूबा अश्रुओं संग बह रहा विषादजल बिन मीन तडपे जैसे
 
संतोष कुमार "प्यासा"
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गरीबी करती मीठे रिश्‍ते

आजकल एक शौक अपना लिया है। देर रात चाय पीने की तलब से बेचैन हो उठता हूं। ऐसे में रूम के कीचन में भोर के तीन या चार बजे के करीब कुछ बनाना शोभा नहीं देता। फिर तलब भी शांत करनी होती है। इसलिए घर के कुछ दूर पर लगने वाले एक चाय और पराठा के ठेले पर एक प्‍याली
 
नीरज तिवारी
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क्या पारो सचमुच 'तुम्हारी' है मेरे दोस्त?

सोचा था, हफ्ते में एक पोस्ट से ज्यादा नहीं लिखूंगा लेकिन पिछली पोस्ट पर जिस तरह के कॉमेंट आ रहे हैं कि लिखे बिना रहा नहीं जा रहा है। कोई मेरी इस आधुनिक सोच के लिए मुझपर ताने कस रहा है, कोई पाखंडी बता रहा है और एक को तो लग रहा है कि मैं हिजड़ा हूं। ऐसा
 
नीरेंद्र नागर
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प्यार पर रोक क्यों ?

आज के जनसत्ता में खबर पढ़ी कि एक ही गोत्र में शादी करने के कारण करनाल में मनोज और बबली नाम के एक जोड़े को मौत के घाट उतार दिया गया था । करनाल की जिला और सत्र न्यायालय ने इस मामले में पाँच लोगों को सजा- ए- मौत और एक को उम्र कैद की सजा सुनाई। करनाल की जिला
 
प्रतिमा
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बारिशों के मौसम में

बारिशों के मौसम में बादलों कि छाँव मेंफिर मुझे वो याद आये इन हसीं फिजाओं मेंशायद अपनी जुल्फों को उसने खोल रखा हैभीनी भीनी खुशबू है आज इन हवाओं मेंहम तुम्हें बतायेंगे प्यार किसको कहते हैंशहर से कभी आना तुम हमारे गाँव मेंये सजा मिली हमको अपनी साफगोई कीहैं
 
asifsaharni
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ऐ लड़की – महेन्द्र नेह – कविता पोस्टर

ऐ लड़की – महेन्द्र नेह ( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhata) शब्दों के कुछ समूह हमारी चेतना पर अचानक एक हथौडे़ की तरह पड़ते हैं, और हमें बुरी तरह झिंझोड़ डालते हैं. दरअसल हथौडे़ की तरह पड़ने और बुरी तरह झिंझोड़ डालने वाली उपमाओं के पीछे होता यह
 
रवि कुमार, रावतभाटा
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बाप-बेटे के संबंध में प्रतिद्वंद्विता का भाव

इवान तुर्गनेव की एक मशहूर कहानी है -मेरा पहला प्यार। इसका नायक किशोर वय का एक बालक है, जो पड़ोस में रहने वाली अपने से बड़ी उम्र की एक लड़की से प्यार करता है। शुरू में वह लड़की भी उसके प्यार को स्वीकार करती है, लेकिन कुछ दिनों बाद वह अचानक उससे खिंची-
 
बालमुकुंद
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हम मस्ती कर रहे हैं तो आपका क्या जा रहा है?

मेट्रो से ऑफिस आ रहा था। कॉलेज स्टूडेंट्स का एक ग्रुप मेरे पास में खड़ा था। उस ग्रुप में दो गुट थे, एक लड़का और एक लड़की, दूसरा लड़का और दूसरी लड़की। मेरा दिमाग उड़ने लगा.... ये साली मेट्रो कुछ साल पहले क्यों नहीं चली? कितना आसान बना दिया है प्यार कर
 
प्रशांत अस्थाना
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वह बोली, तुम तो बहुत गिरे हुए निकले...

नमिता जोशी ने अपनी नई पोस्ट में अपने स्कूल के ज़माने का एक वाकया बताया है कि कैसे एक सीधे-से दिखनेवाले लड़के ने उसे कह दिया था- आई लव यू! आज भले ही उस घटना को याद करके वह हंसती है लेकिन तब का उसका रिऐक्शन था – ’यह भी वैसा ही निकला। सबकी तरह। देखने से
 
नीरेंद्र नागर
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कहीं वह मुझे प्रपोज़ तो नहीं कर देगा?

मंडे का ‘ बिग बॉस ’ देखा! रियल लाइफ की सुपरडोज दी बिग बॉस ने घर के मेंबरों को। विंदु , रोहित और राजू श्रीवास्तव ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि घर के दूसरे मेंबरों के बारे में जो ज़हर वो चौबीस घंटे उगल रहे हैं , अचानक उसका टेप बिग बॉस सबके सामने प्ल
 
नमिता जोशी
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30 साल लंबा इंतज़ार... और आंसुओं की बाढ़

जिंदगी में बहुत-सी चीज़ों को नहीं समझ पाया। प्यार भी इन्हीं में से एक है। प्यार में हमें बेइंतहा तकलीफ होती है, दुनिया-जहान की परेशानियां सामने आती हैं, इस ख्याल के अलावा हर चीज़ बेजान-बेकार-सी लगने लगती है। इस पर भी अंजाम मन-मुताबिक सुकून देने वाला
 
आलोक सिंह भदौरिया
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30 साल लंबा इंतज़ार... और आंसुओं की बाढ़

जिंदगी में बहुत-सी चीज़ों को नहीं समझ पाया। प्यार भी इन्हीं में से एक है। प्यार में हमें बेइंतहा तकलीफ होती है, दुनिया-जहान की परेशानियां सामने आती हैं, इस ख्याल के अलावा हर चीज़ बेजान-बेकार-सी लगने लगती है। इस पर भी अंजाम मन-मुताबिक सुकून देने वाला
 
आलोक सिंह भदौरिया
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वह बोली, तुम तो बहुत गिरे हुए निकले...

नमिता जोशी ने अपनी नई पोस्ट में अपने स्कूल के ज़माने का एक वाकया बताया है कि कैसे एक सीधे-से दिखनेवाले लड़के ने उसे कह दिया था- आई लव यू! आज भले ही उस घटना को याद करके वह हंसती है लेकिन तब का उसका रिऐक्शन था – ’यह भी वैसा ही निकला। सबकी तरह। देखने से
 
नीरेंद्र नागर
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कहीं वह मुझे प्रपोज़ तो नहीं कर देगा?

मंडे का ‘ बिग बॉस ’ देखा! रियल लाइफ की सुपरडोज दी बिग बॉस ने घर के मेंबरों को। विंदु , रोहित और राजू श्रीवास्तव ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि घर के दूसरे मेंबरों के बारे में जो ज़हर वो चौबीस घंटे उगल रहे हैं , अचानक उसका टेप बिग बॉस सबके सामने प्ल
 
नमिता जोशी
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नहीं जानते …

प्यार क्या है! वो नहीं जानते … हर मुस्कुराहट को ख़ुशी समझे लेते है ! प्यार क्या है! हम नहीं जानते … उनकी हर अदा को पैगाम समझे लेते है ! - प्रवीण
 
प्रवीण
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शादीशुदा प्यार एक जड़ की तरह है...

मैंने अपनी एक पिछली पोस्ट ( दिल तोड़नेवाले प्रेमी या प्रेमिका से कहें, थैंक यू ) में लिखा था कि प्यार का रिश्ता एक नैचरल फूल की तरह होता है जबकि शादी का रिश्ता प्लास्टिक के फूल की तरह। इस पर दोनों ही तरह की प्रतिक्रिया आई। कुछ ने कहा, बिल्कुल सह
 
नीरेंद्र नागर
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दिल तोड़नेवाले प्रेमी या प्रेमिका से कहें, थैंक यू!

हाल ही में एक पार्टी में एक सज्जन मिले। कमीने की चर्चा हो रही थी। उन्होंने कहा, ‘ जब भी मैं शाहिद कपूर का फोटो देखता हूं तो मुझे उस पर दया आती है और करीना पर गुस्सा। क्यों उसने इसे डिच किया? कितना प्यारा और मासूम बंदा लगता है। आखिर सैफ में ऐसा क्या ह
 
नीरेंद्र नागर
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क्या चाहती थीं वो ......

शायद इस दुनिया में तिन तरह के लोग होते हैं :- एक वो, जो सोचता है - क्या चाहेगीं वो ..... दूसरा वो, जो जनता है - क्या चाहती हैं वो ..... और तीसरा, जो सोचता है - क्या चाहती थीं वो .....इसमें पहला वाला तो आजाद ख्याल का होता है क्यूंकि वो अभी यही सोच रहा है
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हम एक राह के मुसाफिर है

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