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18 जून मणिपुर के इतिहास में एक यादगार दिन

केंद्र सरकार और एनएससीएन आईएम के बीच युद्ध विराम यानी सीज फायर की खबर जब मणिपुर पहुंची, उससे पहले से ही प्रदेश की जनता इस बात की उम्मीद लगा चुकी थी. 2001 के 18 जून को केंद्र सरकार और एनएससीएन आईएम के बीच युद्धविराम लागू कराने वाली जगहों को बढ़ाने में
 
Bijen Salam
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असम से उठते कुछ जरूरी सवाल

लचित बोरदोलाई के पास सरकार के लिए एक चेतावनी है- अगर सरकार ने उल्‍फा से सीधी वार्ता नहीं शुरू की और सेना अपने मनमाने तरीकों से काम करती रही, तो असम में भी मणिपुर जैसे हालात हो जाएंगे.किसी ने सुना लचित को? वे पीपुल्‍स कंसल्टिव ग्रुप के सदस्‍य हैं, जो
 
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क्या यह इंसानियत है?

अक्सर यह खबर सुनने को मिलती है कि पूर्वोत्तर की लड़कियों से छेड़छाड़, मारपीट और हत्या हमेशा होती रहती है। जब नार्थ ईस्ट सपोर्ट सेंटर एंड हेल्पलाईन (http://www.nehelpline.net/) का गठन हुआ तभी से इस तरह की घटना दूर हो गई थी। मगर दस महीने के बाद यह घटना फि
 
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नगा शांति वार्ता अब केंद्र से सीधे होगी

पिछले 10 सालों से केंद्र सरकार और शीर्ष नगा अलगाववादी संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएन-आईएम) के बीच चली आ रही युद्ध विराम की वार्ता अब सीधे तौर पर होगी. वार्ता के प्रतिनिधि के रूप में पूर्व भारतीय गृह सचिव के पद्मनाभैया का 1999 के 28
 
Bijen Salam
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23 जुलाई : मणिपुर के एक और खूनी दिन

उस मासूम बच्चे को क्या पता था कि वह दिन (22 जुलाई 09) उसका अंतिम दिन और वह अपनी मां से हमेशा-हमेशा के लिए बिछड जाएगा. इस काले दिन ने उस मासूम को अनाथ बना दिया, जिसकी कमी उसे जिंदगी भर खलती रहेगी. घटना स्‍थल से रवीना को उठाती हुई पुलिस22 जुलाई की सुबह
 
Bijen Salam