भागना
(बचपन के डर और दु:साहस का यह संस्मरणात्मक आलेख पूजा का है)चन्दन की पोस्ट ‘गुमशुदा की तलाश का स्वप्न’ पढ़कर मुझे भी अपना कुछ पिछला याद आ गया। मैं भी एक बार मार खाने के डर से घर से भाग गई थी। अगर मुझे ठीक ठीक याद तो मैं उस समय चौथी में पढ़ती थी और नौ या दस
Feb 23 2010 05:36 PM



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