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उदास इतिहास की सधी हुई आवाज-सफाई कामगार समुदाय

संसार आज नित्यप्रति मानो सिमटता-सिकुड़ता जा है। अपने देश के भीतर का भी अधिकांश समाज इसी दौड़ में शामिल हो चुका है। ऐसे में इस प्रकार की पुस्तकें सामाजिक अध्ययन और आचार-विचार की दिशा में, आधुनिक भारतीय समाज के मौजूदा परिवेश को समझने में काम आनेवाली है।देश
 
रवीन्द्र प्रभात
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काव्य दूत,,,,,,,,,,,,,

पुस्तक समीक्षा पुस्तक--काव्यदूत ( काव्य सन्ग्रह), रचनाकार--डा श्याम गुप्त , समीक्षक--कवि राम देव लाल "विभोर" , प्रकाशक- सुषमा प्रकाशन, आशियाना, लखनऊ काव्यदूत कवि श्याम का,पढ़ा मिला आनंद |कहीं 'सुगत' दिक्पाल है,कहीं मुक्त है छंद |अनुभव का आला लिए,अति
 
हिन्दी साहित्य मंच
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अरे, यह तो मेरे ध्यान में था ही नहीं

इस चिट्ठी में 'टू किल अ मॉकिंगबर्ड' के प्रकाशन के ५०वें साल पर हो रहे सम्मेलनों की चर्चा है। This post talks about function on 50th anniversary of publication of 'To Kill a Mockingbird'. is chitthi mein 'To Kill a Mockingbird' ke prakashn ke 50ven sal
 
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अरे, यह तो मेरे ध्यान में था ही नहीं

इस चिट्ठी में 'टू किल अ मॉकिंगबर्ड' के प्रकाशन के ५०वें साल पर हो रहे सम्मेलनों की चर्चा है। This post talks about function on 50th anniversary of publication of 'To Kill a Mockingbird'. is chitthi mein 'To Kill a Mockingbird' ke prakashn ke 50ven sal
 
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क्या काली मां की कृपा से यह चमत्कार हो गया

इस चिट्ठी में प्रसिद्ध टेनिस खिलाड़ी रमेश कृष्णन से मुलाकात की चर्चा है।मुझे सारे रैकेट के खेल पसन्द हैं। टेनिस सबसे पहले खेलना शुरू किया। शायद ४थी-५वीं कक्षा से। मैंने इसकी कोचिंग भी ली है। बचपन में दुनिया के बेहतरीन टेनिस खिलाड़ियों को भी देखने का मौका
 
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क्या काली मां की कृपा से यह चमत्कार हो गया

इस चिट्ठी में प्रसिद्ध टेनिस खिलाड़ी रमेश कृष्णन से मुलाकात की चर्चा है।मुझे सारे रैकेट के खेल पसन्द हैं। टेनिस सबसे पहले खेलना शुरू किया। शायद ४थी-५वीं कक्षा से। मैंने इसकी कोचिंग भी ली है। बचपन में दुनिया के बेहतरीन टेनिस खिलाड़ियों को भी देखने का मौका
 
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‘बुलबुल मारने पर दोष लगता है’ श्रृंखला के नाम का चयन कैसे हुआ

'बुलबुल मारने पर दोष लगता है' श्रृंखला, 'To Kill A Mockingbird' उपन्यास के बारे में थी। इस श्रृंखला में चर्चा थी कि यह उपन्यास क्यों लिखा गया , इसकी क्या कहानी थी, इसकी क्या शिक्षा है। इस चिट्ठी में चर्चा है कि इसका श्रृंखला के नाम का चयन कैसे हुआ।इस
 
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'बुलबुल मारने पर दोष लगता है' श्रृंखला के नाम का चयन कैसे हुआ

'बुलबुल मारने पर दोष लगता है' श्रृंखला, 'To Kill A Mockingbird' उपन्यास के बारे में थी। इस श्रृंखला में चर्चा थी कि यह उपन्यास क्यों लिखा गया , इसकी क्या कहानी थी, इसकी क्या शिक्षा है। इस चिट्ठी में चर्चा है कि इसका श्रृंखला के नाम का चयन कैसे हुआ।इस
 
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रामायण मीमांसा -१ : क्या रामायण के गर्भ में सच यह था ?

क्या राम का आशय " मन' से है ? यानि जो हमेशा रमता रहे , कभी भी शांत ना रहने वाला अस्थिर . क्यों 'राम' हीं नाम रखा गया ? क्या दशरथ, का मतलब शरीर है जिसका पुत्र है मन यानि राम . दश+ रथ = यानि वह रथ जिसे दस द्वारा संचालित किया जाता हो . शरीर को दस इन्द्रियां
 
VICHARMIMANSA DESK
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1. डॉ॰ राम प्रसाद सिंह द्वारा संगृहीत विशाल लोकसाहित्य : एक परिचय

लेखक - दिलीप कुमार, अध्यक्ष, मगही विभाग, पी॰एन॰के॰ कॉलेज, अछुआ, पटनाविश्व लोकवार्ता के विद्वान आउ भोजपुरी लोकसाहित्य सम्राट् डॉ॰ कृष्णदेव उपाध्याय डॉ॰ राम प्रसाद सिंह के भारत के एगो महान लोकवार्ताविद के रूप में प्रस्तुत कैलन हे । इहाँ हम उनकर बात के खंडन
 
नारायण प्रसाद
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होनहार के खेल

सन १९५० के दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में स्व. श्री तन सिंह जी एक शिक्षण शिविर के सिलसिले में अपने जीवन में पहली बार चितौड़ गए और वहां उन्होंने चितौड़ दुर्ग देखा | लेकिन चितौड़ दुर्ग देखने के दो महीने बाद तक स्व. श्री तन सिंह जी उस कसक और वेदना से मुक्त
 
Ratan Singh Shekhawat
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बचपन के दिन भी क्या दिन थे

‘टु किल अ मॉकिंग बर्ड’ उपन्यास में, जीवन के दर्शन को कुछ सरल भाषा में बताया गया है। इस चिट्ठी में उसी की चर्चा है।इस चिट्ठी को, सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो दाहिने तरफ का विज़िट,'मेरे पॉडकास्ट
 
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बचपन के दिन भी क्या दिन थे

‘टु किल अ मॉकिंग बर्ड’ उपन्यास में, जीवन के दर्शन को कुछ सरल भाषा में बताया गया है। इस चिट्ठी में उसी की चर्चा है।इस चिट्ठी को, सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो दाहिने तरफ का विज़िट,'मेरे पॉडकास्ट
 
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क्या 'टु किल अ मॉकिंगबर्ड' हर्पर ली की जीवनी है

स्कॉटस्बॉरो  बॉयज़ ट्रायल में, ९ अश्वेत लोगों पर, श्वेत लड़कियों के साथ बलात्कार करने का मुकदमा ऍलाबामा राज्य में चला था। इस मुकदमे ने हार्पर ली पर असर डाला। उनके द्वारा लिखा उपन्यास, 'टु किल अ मॉकिंग बर्ड' इसी पर आधारित है।  आज चर्चा करेंगे -
 
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क्या ‘टु किल अ मॉकिंगबर्ड’ हर्पर ली की जीवनी है

स्कॉटस्बॉरो  बॉयज़ ट्रायल में, ९ अश्वेत लोगों पर, श्वेत लड़कियों के साथ बलात्कार करने का मुकदमा ऍलाबामा राज्य में चला था। इस मुकदमे ने हार्पर ली पर असर डाला। उनके द्वारा लिखा उपन्यास, 'टु किल अ मॉकिंग बर्ड' इसी पर आधारित है।  आज चर्चा करेंगे -
 
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रिटर्न टू अल्मोड़ा से ....कृपया ध्यान दें , वयस्क सामग्री है !

इंटर गवर्नमेंटल पैनेल आन क्लाईमेट चेंज (IPCC ) के मुखिया और इसी संस्थान के लिए नोबेल पुरस्कार झटक लेने वाले अपने राजेन्द्र पचौरी साहब इन दिनों सुर्ख़ियों में हैं, मगर इस बार कारण दूसरे हैं . हिमालय के ग्लेशियरों के पिघल जाने  संबंधी २००७ में किये गए
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संघर्ष का काला हीरो आ॓बामा

पुस्तक ‘बराक आ॓बामा : ब्लैक हीरो इन व्हाइट हाउस’ एक जीवनी है। आ॓बामा एक संघर्ष का नाम है, एक जिजीविषा का नाम है। उनकी फौलादी सोच व दृढ़ संकल्प का ही परिणाम है कि आज व्हाइट हाउस के ब्लैक हीरो हैं। ये वही आ॓बामा हैं जिन्हें वर्ष 2000 में कांग्रेस अधिवेशन
 
दीपक राजा
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Veer Bahuti

पुस्तक समीक्षा द्वारा- श्रीमती निर्मला कपिला जीजब कि पुस्तक समीक्षा मेरी लेखन   विधा नही है मगर जब दीपक चौरसिया 'मशाल' की पुस्तक *अनुभूतियाँ* पढी तो अपने मन में उपजी अनुभूतिओं को लिखे बिना रह नहीं पाई। इस पुस्तक की जिस बात ने मुझे सबसे
 
निर्मला कपिला
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"प्रवासिनी के बोल"- नारी मन की तड़प का संग्रहित रूप में प्रस्तुतकरण [पुस्तक समीक्षा] - देवी नागरानी

महिलाओं का तू चितवन है सुंदर और सलोना मधुबन है तेरी सोच व शीरीं बातें कितना उनमें अपनापन है तेरे स्नेह स्वरूप ये "बोल" मिले तेरे श्रम का ये दरपन है . डॉ॰ अंजना संधीर ने प्रवासी नारी के अस्तित्व को अनूप और अनोखा सकारात्मक रूप देकर अपने संपादित किये हुए
 
साहित्य-शिल्पी
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अश्वेत लड़कों ने हमारे साथ बलात्कार किया है

इस चिट्ठी में उस मुकदमें की चर्चा है जिसने हार्पर ली को 'टु किल अ मॉकिंगबर्ड' लिखने के लिये प्रेरित किया। इस चिट्ठी को, सुनने के लिये यहां चटका लगायें।यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो दाहिने तरफ का विज़िट,'मेरे पॉडकास्ट बकबक पर
 
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अश्वेत लड़कों ने हमारे साथ बलात्कार किया है

इस चिट्ठी में उस मुकदमें की चर्चा है जिसने हार्पर ली को 'टु किल अ मॉकिंगबर्ड' लिखने के लिये प्रेरित किया। इस चिट्ठी को, सुनने के लिये यहां चटका लगायें।यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो दाहिने तरफ का विज़िट,'मेरे पॉडकास्ट बकबक पर
 
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लोकभारती द्वारा प्रकाशित - 'साबुन' कहानी अपने आप में बेजोड और बहुत ही दिलचस्प है।

        कुछ कहानीयां अपने आप में बेजोड होती हैं। बहुत ही दिलचस्प।  ऐसी ही एक कहानी है ‘साबुन’।  यह उस दौर की कहानी है जब कि साबुन का इस्तेमाल करना एक तरह से लक्जरी ही माना जाता था, खास करके लोअर मिडिल क्लास के लिये जो
 
सतीश पंचम
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कैमल सिगरेट के पैकेट पर, आदमी कहां है

क्या चश्मदीद गवाह,  न चाहते हुए भी,  गलत  बयान दे देते हैं? 'बुलबुल मारने पर दोष लगता है'की श्रंखला की इस चिट्ठी में, इसी की चर्चा है।इस चिट्ठी को, सुनने के लिये यहां चटका लगायें।यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो
 
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कैमल सिगरेट के पैकेट पर, आदमी कहां है

क्या चश्मदीद गवाह,  न चाहते हुए भी,  गलत  बयान दे देते हैं? 'बुलबुल मारने पर दोष लगता है'की श्रंखला की इस चिट्ठी में, इसी की चर्चा है।इस चिट्ठी को, सुनने के लिये यहां चटका लगायें।यह पॉडकास्ट ogg फॉरमैट में है। यदि सुनने में मुश्किल हो तो
 
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१० प्रतिनिधि कहानियां

अभी हाल ही भीष्म साहनी की कहानियां पढ़ी। पुस्तक का शीर्षक था - १० प्रतिनिधि कहानियां, भीष्म साहनी। किताबघर प्रकाशन, नई दिल्ली से प्रकाशित है। कीमत ६० रुपए। जिस तरह कोई फिल्म देखने के बाद आम आदमी फिल्म की समीक्षा कुछ इस तरह करता है- फिल्म देखकर पूरे पैसे
 
lokendra singh rajput
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उत्तर आधुनिकता और जातीय अस्मिता

उत्तर आधुनिकतावाद एक ऐसा ग्लोबल खेल है, जिसमें हम सब शरीक है। वह हमारी ही भूमंडलीय अवस्था का रामायण है। मीडिया माध्यमों ने ‘यथार्थ’ के साथ हमारे रिश्ते को इस कदर बदल दिया है कि हमारी इंद्रियां अब यथार्थ को सीधे-सीधे ग्रहण नहीं करतीं। सूचना क्रांति ने
 
विनीत उत्पल
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सफल वकील, मुकदमा शुरू होने के पहले, सारे पहलू सोच लेते हैं

सैमुएल लाइबोविट्ज़, २०वीं शताब्दी के दूसरे चतुर्थांश में अमेरिका के सबसे प्रसिद्ध वकील थे। 'बुलबुल मारने पर दोष लगता है' श्रृंखला की इस चिट्ठी में, चर्चा है कि उन्हें पहला मुकदमा कैसे मिला और उसमें क्या हुआ। इस चिट्ठी को आप सुन भी सकते है। सुनने के ल
 
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सफलता हमेशा काम के बाद आती है

यह चिट्ठी ई-पाती श्रंखला की कड़ी है। यह श्रंखला, नयी पीढ़ी की जीवन शैली समझने, उनके साथ दूरी कम करने, और उन्हें जीवन मूल्यों को समझाने का प्रयत्न है। यदि लगन है, काम करने का ज़स्बा है तो सफलता कदम चूमेगी। मुन्ने राजा तीन दशक पहले, तुमने हमारे जीवन मे
 
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सफलता हमेशा काम के बाद आती है

यह चिट्ठी ई-पाती श्रंखला की कड़ी है। यह श्रंखला, नयी पीढ़ी की जीवन शैली समझने, उनके साथ दूरी कम करने, और उन्हें जीवन मूल्यों को समझाने का प्रयत्न है। यदि लगन है, काम करने का ज़स्बा है तो सफलता कदम चूमेगी। मुन्ने राजा तीन दशक पहले, तुमने हमारे जीवन मे
 
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वकीलों की सबसे बेहतरीन जीवनी – कोर्टरूम

सैमुएल लाइबोविट्ज़, २०वीं शताब्दी के दूसरे चतुर्थांश में अमेरिका के सबसे प्रसिद्ध वकील थे। 'बुलबुल मारने पर दोष लगता है' श्रृंखला की इस चिट्ठी में, उनके जीवन पर लिखी पुस्तक 'कोर्टरूम' के बारे में चर्चा है। 'डार्विन, विकासवाद, और मज़हबी रोड़े' श्रृंखल
 
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वकीलों की सबसे बेहतरीन जीवनी - कोर्टरूम

सैमुएल लाइबोविट्ज़, २०वीं शताब्दी के दूसरे चतुर्थांश में अमेरिका के सबसे प्रसिद्ध वकील थे। 'बुलबुल मारने पर दोष लगता है' श्रृंखला की इस चिट्ठी में, उनके जीवन पर लिखी पुस्तक 'कोर्टरूम' के बारे में चर्चा है। 'डार्विन, विकासवाद, और मज़हबी रोड़े' श्रृंखल
 
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to-kill-a-mockingbird-harper-lee

हार्पर ली (Harper Lee) का लिखा उपन्यास, 'टु किल अ मॉकिंगबर्ड'  (To Kill A Mockingbird), २०वीं शताब्दी के उत्कृष्ट अमेरिकन साहित्य में गिना जाना जाता है।  'बुलबुल मारने पर दोष लगता है'  मेरी नयी श्रंखला है। यह, इस उपन्यास और उससे जुड़ी
 
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हम तो पूरी दिल्ली में बदनाम हैं

मुझे दिल्ली में एक अच्छी पुस्तक दुकान की तलाश थी। इस बार वह मिल गयी। इस चिट्ठी में उसी की चर्चा है। मुन्ने की मां के अनुसार मेरे तीन प्यार में से, एक  प्यार पुस्तकों से है। यह सच है, वे मेरी सबसे प्रिय मित्र हैं। हांलाकि, जबसे अन्तरजाल का चस्का
 
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उत्तर आधुनिकता और जातीय अस्मिता

उत्तर आधुनिकतावाद एक ऐसा ग्लोबल खेल है, जिसमें हम सब शरीक है। वह हमारी ही भूमंडलीय अवस्था का रामायण है। मीडिया माध्यमों ने ‘यथार्थ’ के साथ हमारे रिश्ते को इस कदर बदल दिया है कि हमारी इंद्रियां अब यथार्थ को सीधे-सीधे ग्रहण नहीं करतीं। सूचना क्रांति ने
 
विनीत उत्पल
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हिंदी उपन्यास "सात समन्दर पार" : समीक्षा

चंडीगढ़ के यूनिस्टार पब्लिकेशन ने " सात समन्दर पार " हिंदी उपन्यास प्रकाशित किया है जिसे लिखा है अमेरिका में रहने वाली भारतीय महिला कमलेश चौहान ने | कमलेश चौहान पंजाब साहित्य सभा द्वारा प्रेस्टीयस एन आर आई एकेडमी अवार्ड जनवरी २००९ से भी सम्मानित है |
 
Ratan Singh Shekhawat
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यदि विकासवाद जीतता है तो इसाइयत बाहर हो जायगी

विकासवाद पढ़ाने के लिये बीसवीं शताब्दी में जीव विज्ञान के अध्यापक स्कोपस् पर मुकदमा चला। इस चिट्ठी में इसी की चर्चा है।इस चिट्ठी को आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,Windows पर
 
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पुस्तक समीक्षा

मास्टर जी ने कहा था :कमल चोपड़ा ए आर एस पब्लिशर्स एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स 1362, कश्मीरी गेट , दिल्ली – 110 006 ––––––––––––––––––––––––––––––––––––––––––––– इस बाल उपन्यास में एक ऐसे शरारती लड़के की कहानी है जिसका नाम किन्नू है। किन्नू अपने माँ – बाप की
 
सहज साहित्य