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पिता की याद

पिताजी को गुजरे आज १२ वर्ष हो गए ...मगर जेहन में उनके साथ बिताये आखिरी तीन दिन हमेशा की तरह ताज़ा ही हैं ...माँ के घर उपरी मंजिल का निर्माण कार्य चल रहा था जिसके कारण माँ यही आई हुई थी ...पापा को अपने किसी काम से दिल्ली आना पड़ा था ...26 जनवरी और रविवार
 
वाणी गीत