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अपनी असुरक्षा में से
अगर देश की सुरक्षा यही होती है कि बेजमीरी जिन्दगी के लिए शर्त बन जाएआँख की पुतली में ‘हाँ’ के सिवा कोई भी शब्द अश्लील होऔर मन बदकार घड़ियों के सामने दण्डवत झुका रहेतो हमें देश की सुरक्षा से खतरा हैहम तो देश को समझे थे घर जैसी पवित्र चीजजिसमें घुटन नहीं
Apr 10 2010 11:58 PM



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