पापा के जूते में पैर !
रूद्र जी नित नयी बातें करते है जो इतनी मनोहारी होती हैं की कुछ कहते ही नहीं बनता बस आनंद रस बहता है जिसे आँखों से पीते जाओ ।आज कल रूद्र अपने पापा की चीजों को देखते ही कहत है "पापा की शीर्ट","पापा का शू " ,"पापा की जिकत " और इतनी जलदी बोलता है की अगर पहली
Jan 10 2010 05:56 PM



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