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कल दिन भर एक कहानी में

कल रात लिख नहीं पाया. दर असल कल दिन भर एक कहानी में लगा रहा. कहानी तो एक घंटे में ही पूरी हो गयी थी पर दिन भर उसकी खुमारी में रहा. स्वयं क्या मूल्यांकन कर सकूंगा उस कहानी का पर फिर भी पहली बार मै कहानी पूरी कर पाया. कई बार मैंने कई कहानी शुरू किये लिखना,
 
श्रीश पाठक 'प्रखर'