सीज़न परीक्षा का,गैस पेपर और खूबसूरत यादें-2
दूसरे दिन तो दोपहर शायद कुछ और ज्यादा अलाली दिखा रही थी और शाम कुछ ज्यादा ही शर्मा रही थी।नही शर्मा रहे थे बस हम सभी भाई(दोस्त)जो समय से पहले अपने अड्डे पे हाज़िर हो गये थे।लग रहा था कि आज कुछ खास बात है।मैं,चून्नू और दिलीप दढियल थे और बाकी सब खुरदुरे
Mar 19 2010 01:31 AM



Shuffle








