याद बिल्कुल नहीं आते मुझे तुम
सोचते होगे केयाद आते हो मुझे तुमगलत हो तुमहमेशा की तरहमैं उनमें से नहींके यादों की गठरीसाथ बाँध टहलू. गुज़रे को भूलवर्तमान को जीती हूईभविष्य का निर्माणआदत है मेरी. कल एक कॉमन फ्रेंडसे मुलाकात हुईउसके साथ मिलतुम्हारी बुराई मेंपूरा दिन
May 28 2010 05:24 PM



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