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परम्‍परा की फगनौटी काव्‍य संध्‍या (अविनाश वाचस्‍पति)

नई दुनिया ने दिल्‍ली संस्‍करण में पेज दो पर प्रकाशित समाचार में यह शीर्षक दिया है। पढ़ने के लिए लिंक पर क्लिक कीजिएगा।गीत सुनना है तो घायल होना सीखो ...आज शनिवार दिनांक 6 मार्च 2010 की सांयकाल 6 बजे नई दिल्‍ली के लक्ष्‍मीपत सिंघानिया सभागार, पीएचडी हाऊस,
 
अविनाश वाचस्पति