माता-पिता की स्नेहिल छाया के आभाव में ज़िन्दगी की कड़ी धूप में जलती ये निरुपमायें
पता नहीं, निरुपमा की मौत का सच सामने आ पायेगा या नहीं. अगर मान लें , उसके माता-पिता ने हत्या नहीं की पर जमीन तो तैयार की ही उसकी आत्महत्या के लिए. और ये अकेला उदाहरण नहीं है हमारे समाज में,पता नहीं कितनी निरुपमायें, या तो मार दी जाती हैं, आत्महत्या कर
May 06 2010 02:37 PM



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