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नन्दू की समझदारी

गीतात्मक कहानी) बहुत पुरानी बात है बच्चों एक गांव था छोटा सा उसी गांव के एक कोने में अपना नन्दू रहता था। अपना नन्दू छोटा था छोटा था और भोला था भाई बहन नहीं थे उसके मां बापू का अकेला था। किसके साथ मैं खेलूं कूदूं उछलूं कूदूं धूम मचाऊं किससे खाऊं किसे
 
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नन्दू की समझदारी(अन्तिम भाग)

नन्दू की समझदारी(भाग -६)(गीतात्मक कहानी)चाचा की ये बात तो बच्चोंसमझ गया फ़िर अपना नन्दूआजाद करूंगा फ़ौरन इनकोहंस करके फ़िर बोला नन्दू।पर उनके जाने के बादनन्दू फ़िर हो गया उदासखोया खोया बैठा रहतादेखा करता था आकाश।इसी तरह बैठा था नन्दूएक दिन अपने घर के पासमोती
 
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