हो्शियार! शिकारी ही शिकार हो गए..........संडे स्पेशल
गफ़लत में रहे तो कभी-कभी होशियार से होशियार शिकारी भी शिकार बन जाता हैं, नजरें चुकी या ध्यान कहीं विचलित हुआ और शिकार बन गए। शिकार होने से बचने के लिए चौकन्ना होना जरुरी है। जो चौकन्ना होता है वह बच जाता है, कुशल शिकारी वह होता है जो शिकार को पता ही नहीं
May 02 2010 04:47 AM



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