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ज़र्रा ए नाचीज़ का कुछ तो भी बयान...

किं चित, थोड़ा या अत्यल्प के अर्थ में हिन्दी में जरा शब्द सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। जरा सी बात, जरा सी चीज या जरा सा काम जैसे वाक्यांशों से साफ है कि बोलचाल में इस जरा का बहुत ज्यादा महत्व है। हिन्दी में किंचित, क्वचित की तुलना में सर्वाधिक लोकप्रिय
 
अजित वडनेरकर
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बालकनी और बालाखाना में बाले-बाले

हि न्दी में दुछत्ती या छज्जे के लिए अंग्रेजी से आयातित बालकनी शब्द आम है और हिन्दी की विभिन्न शैलियों सहित भारत की ज्यादातर भाषाओं में इस्तेमाल होता है। बालकनी का बाल शब्द बहुत महत्वपूर्ण है और इसकी अर्थवत्ता बहुत व्यापक है जिसमें शीर्षस्थ, प्रकाशमान,
 
अजित वडनेरकर
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गोबरगणेश का चिंतन अर्थात गोबरवाद

... अपने मित्र, गोबरवाद शब्द के जनक और इस दर्शन के व्याख्याकार,  वरिष्ठ टीवी पत्रकार रवीशकुमार को यह पोस्ट समर्पित है। वे कहते है -“मैं गोबरवाद का प्रवर्तक हूं। गोबर को सम्मान दिलाने की लड़ाई लड़ूंगा। कहूंगा लीक को मत बदलो। लीक को गोबर से पोत कर नया
 
अजित वडनेरकर
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निकम्मों की लीद और खाद निर्माण

चौ पायों की विष्ठा को लीद कहते हैं, जिसमें गधे, घोड़े, हाथी और ऊंट आते हैं। गोबर की तरह लीद शब्द में भी मुहावरेदार अर्थवत्ता है। बेकार के काम में मशगूल रहना, अनुत्पादक कर्म करने को भी मुहावरेदार भाषा में लीद करना कहा जाता है। जाहिर है विष्ठा सर्वाधिक
 
अजित वडनेरकर
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कप-बसी धोते रह जाओगे…

हि न्दी में आमतौर पर बोले जाने वाले और मिलते जुलते शब्द हैं कूप, कूपा या कप। एक जैसे लगते इन शब्दों के अर्थ हालांकि अलग अलग हैं मगर ये एक ही भारोपीय आधार से उठे शब्द हैं। कूप का अर्थ जहां कुआं होता है वहीं कूपा kupe हिन्दी में अंग्रेजी से आया शब्द है
 
अजित वडनेरकर
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जब आंख ही से न टपका तो फिर लहू क्या है....

पिछली कड़ी-पहले से फौलादी हैं हम…से आगे सं स्कृत की लोह् धातु में मूलरूप से लाल रंग का भाव है। वैसे इसका अर्थ है किसी भी किस्म की धातु। धातु अर्थ में भी इसमें ताम्बा का भाव प्रबल है। लोह् से जुड़े लाल रंग के भाव का विश्लेषण करें तो लाल रंग की महिमा नजर
 
अजित वडनेरकर
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फौलादी इरादे, फौलादी जिस्म

पश्चिम मध्य एशिया में तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान के पुरातत्व स्थलों पर मिले स्टील से बने उपकरणों के आधार पर पश्चिमी विशेषज्ञ भी मानते हैं कि फौलाद, जिसे विज्ञान की भाषा में क्रूसिबल स्टील के नाम से जाना जाता है, की खोज भारत में हुई थी। श ब्द
 
अजित वडनेरकर