पसंद करें
2
नापसंद करें

डोर

यह 150 वीं पोस्ट है, पता ही नहीं चला। खैर.., काफी दिनों से काव्यात्मक कुछ लिखा नहीं,वैसे मूलत: मैं तो आलेख लिखने वाला ठहरा, काव्यात्मक रचना मेरे बस की नहीं, सिर्फ प्रयासभर करता हूं। हां, कवितायें पढने में बहुत रस लेता हूं। अपने चन्द लेखक कवि हैं जिनके
 
अमिताभ श्रीवास्तव
टैग: पतंग