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मित्रता

और एक युवक ने कहा:हमसे मित्रता के विषय में कुछ कहो.और उसने उत्तर दिया:तुम्हारा मित्र तुम्हारे अभावों की पूर्ति है.वह तुम्हारा खेत है,जिसमें तुम प्रेम का बीज बोते हो और कृतज्ञता के फल प्राप्त करते हो.वह तुम्हारा भोजन-गृह है और वही तुम्हारा
 
शशिभूषण
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सैयद काशिफ़ रज़ा की कविता

एक मामूली नामवाला आदमीकुछ लोगों के नामयाद रखने के लिए रखे जाते हैंऔर बाक़ी के पुकारने के लिएमोहम्मद अकरम के बाप नेउसका नाम सिर्फ़ पुकारने के लिए रखा थाकुछ लोगों के नामवक़्त के साथ बड़े होने लगते हैंबाकी के और छोटेएक दिन अकरम को भी इक्कू बना दिया गयाउसकी
 
शशिभूषण