अधरं मधुरं वदनं मधुरं: मधुराष्टकम: पंडित जसराज की आवाज़ में
संगीत खोजने की यायावरी में बड़ा आनंद है । इंटरनेट पर खोजें या स्वयं घुमक्कड़ी करके । अकसर ही ये होता है कि आप खोजने कुछ चलते हैं और हाथ कुछ और लग जाता है । ज़ाहिर है कि जो खोजने चले थे वो धरा-का-धरा रह जाता है और आप इस नये 'हासिल' की ख़ुशी में फूले
Sep 10 2009 08:02 PM



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