पसंद करें
3
नापसंद करें

मुझे माँ मत बोलो,,, क्या कहें इसे नारी विकास या नारीत्व पतन???-----मिथिलेश दुबे

आज मैं कुछ नहीं कहूँगा आज मैं आपको एक सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसे सुनने के बाद आप भी शायद सोचने पर मजबुर हो जायें । हमारा देश विकास के पथ पर अग्रसर है, विकास हर क्षेत्र में हो रहा इससे कदापि इनकार नहीं किया जा सकता । देश आधनिकता की वय इस तरह पिस
 
Mithilesh dubey
पसंद करें
0
नापसंद करें

नारी का शील उघड़ने लगे ,लज्जा वसन छूटने और लुटने लगे तो सांस्कृतिक प्रदुषण बढ़ता है---------------मिथिलेश दुबे

नारी यदि संस्कृति संरक्षण करें तो सांस्कृतिक परिदृश्य में सुखद परिवर्तन निश्चित है । वैसे भी संस्कृति का नारी.के साथ प्रगाढ रिश्ता हैं। नारी के संस्कार, शील व लज्जा से किसी भी देश की सांस्कृतिक पवित्रता बढ़ती है , लेकिन यदि इसके विपरीत होने लगे , नारी का
 
Mithilesh dubey