मानस परनानी की गोद में
खोना पाना जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है इसमें जहाँ हम समय के साथ पुराने लोगों को खोते जाते हैं वहीं नए लोगों को पाते जाते हैं । पाने की खुशी की तरह खोने का दुख भी स्वभाविक है । कल 14 .12.09 की शाम मेरी नानी नही रहीं वह 87 वर्ष की थीं। मेरी मौसी ने फोन
Dec 15 2009 08:34 PM



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