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सकुबाई से सफाई घर की भी, दिल की भी

नाटक में आप जितने भी प्रयोग कर लें, पीरियड ड्रामा ले आएं, ड्रामे के माध्यम से आप राग रंग, नट भाव, उपमा, उपमान की बातें बताएं, सच तो यह है कि आम आदमी नाटक के उन्हीं हिस्सों से जुड़ पाता है, जिसके साथ वह अपना जीवन देख पाता है। पौराणिक आख्यानों में भी व
 
Vibha Rani
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दास्‍तानगोई उर्फ हम कहें आप सुनें

नेहरु सेंटर थिएटर फेस्टिवल में नाटक की अलग अलग प्रस्तुतियों के बाद इस बार दास्‍तानगोई पर एक प्रस्तुति "हम कहें आप सुनें" नादिरा ज़हीर बब्बर ने अपने "एकजुट थिएटर ग्रुप" की तरफ से की. लिलेट दुबे के 'ब्रीफ कैंडल' के बाद यह दूसरा नाटक रहा, जो किसी महिला न
 
Vibha Rani