पसंद करें
3
नापसंद करें

राष्ट्रपति के मायके का हाल, पार्ट-2

चालीस करोड़ की ज़मीन पर लाख रुपये का टेंडर और किसान को मुआवजे में दिये सवा चौदह लाख सरकार से कौन लड़ सकता है ? पहले भी कुछ नहीं कर पाये और अब भी कुछ नहीं कर सकते। आमदार-खासदार तो दूर सरपंच भी धोखा दे गया तो किसे भला-बुरा कहे। अब सरकार ही दलाल हो जाये तो