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तेरे जाने के बाद

तेरे जाने के बाद कोई सावन नहीं आयाना उन गलियों में, ना मेरे दिल की बस्ती मेंतेरे जाने के बाद, सागर के किनारे शोर करते रहेकितने मंजर तरते रहे, यादों की कश्ती मेंतेरे जाने के बाद, बारहा ये सवाल आयाबारहा मलाल आया, क्या कम है मेरी हस्ती मेंतेरे जाने के बाद,
 
Rajey Sha
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पलकों पे अश्कों के चिराग सजा

पलकों पे अश्कों के चिराग सजा, अंधेरे कमरों में बैठते हैं कभी देखा नहीं तेरा चेहरा, कोई रोशनी भली नहीं लगती उम्र के पाखी उड़ते हैं, हम बेबस बैठे देखते हैं उम्मीद का लटका है सेहरा, क्यों दुल्हन छली-छली लगती कुछ भी तो समझ नहीं आता, क्यों लोग बेवजह ऐंठते
 
Rajey Sha
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