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' मेरी माँ ' वाले प्रसून जोशी को भी गुस्सा आता है

इस बार नहीं  इस बार वो छोटी सी बच्ची मेरे पास अपनी खरोंच लेकर आएगी मै उसे फू फू कर नहीं बहलाऊँगा पनपने दूंगा उसकी तीस को इस बार नहीं इस बार जब मै चेहरों पर दर्द लिखा देखूँगा नहीं गाऊंगा गीत पीड़ा भूला देने वाले दर्द को रिसने दूंगा , उतरने
 
abhay lokre