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विद्यापति गीत

कवि कोकिल विद्यापतिगौरा तोर अंगना।बर अजगुत देखल तोर अंगना।एक दिस बाघ सिंह करे हुलना ।दोसर बरद छैन्ह सेहो बौना।।हे गौरा तोर ................... ।पैंच उधार माँगे गेलौं अंगना ।सम्पति मध्य देखल भांग घोटना ।।हे गौरा तोर ................ ।खेती न पथारि शिव गुजर
 
Kusum Thakur
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