पसंद करें
0
नापसंद करें

हथिया अभी यहीं है साहब: सुगदा वन समिति, नगड़ी

ग्राम वन प्रबन्धन समिति सुगदा के आम ग्रामीण मेरी प्रतिक्षा में कटहल पेड़ के नीचे इंतजार कर रहे थे। मैं करीब 12 बजे दोपहर में सुगदा जंगल के वन पथों से होकर सुगदा गाँव पहूँचा। मुझे आते हीं लोग प्रफुल्लित हो गये। बैठक शुरू हुई,समस्याओं की बौछार हो गयी। हाथी
 
प्रेम सागर सिंह [Prem Sagar Singh]