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शहीद और मौत का फर्क

जैसे 76 सीआरपीएफ जवान माओवादियों के बारुदी सुरंग की चपेट में आकर सवा महीने पहले शहीद हुये थे, ठीक वैसे ही सीआरपीएफ के 8 जवान सवा महीने बाद 8 मई को मारे गये। सवा महीने पहले देश के गृहमंत्री पी चिंदबरम खुद छत्तीसगढ़ के दांत्तेवाड़ा गये थे। लेकिन सवा महीने
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अब तो लाइन पर आ जाओ

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने राज्य सभा में अपने मंत्रालय के कामकाज के बारे में चर्चा के जवाब में कहा गृह मंत्रालय का मतलब सिर्फ नक्सलवाद की समस्या से निबटने वाला मंत्रालय नहीं है. वैसे भी नक्सलवाद पर अलग से चर्चा हो चुकी है लिहाजा उन्होंने इस बारे में कुछ भी
 
अखिलेश शर्मा
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लाठी खालि, गुली खालि...

लाठी खालि,गुली खालि/ तेबू नाहि सोराज पालि / घरे नाथे अन किरे / कैसे बांची प्राण... है यह जिन्दगी का संघर्ष लेकिन अंधेरे में गूंजती महिलाओं की यह आवाज एकदम छोटे बच्चों के लिये लोरी का काम करती है और धीरे धीरे महिलायें जब आश्वस्त हो जाती हैं कि बच्चे सो
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..क्योंकि न्यूज चैनलों के लिए नक्सली ब्रांड नहीं हैं

जितने कैमरे, जितनी ओबी वैन, जितने रिपोर्टर और जितना वक्त सानिया-शोएब निकाह को राष्ट्रीय न्यूज चैनलों में दिया गया, उसका दसवां हिस्सा भी दंतेवाडा में हुये नक्सली हमले को नहीं दिया गया। 6 अप्रैल की सुबह हुये हमले की खबर ब्रेक होने के 48 घंटे के दौर में भी
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डटे रहो चिदंबरम

बहुत दिनों बाद हिंदुस्तान को ऐसा गृह मंत्री मिला है.तुलना कीजिए चिंदबरम की सीरियल ड्रेसर शिवराज पाटिल से.मुझे याद है राज्य सभा में नक्सलवाद पर बहस के बाद बतौर गृह मंत्री पाटिल का जवाब.थोड़े बहुत शब्द इधऱ-उधर हो सकते हैं लेकिन लब्बो-लुआब यही है.माननीय
 
अखिलेश शर्मा
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कोई मोमबत्ती इनके लिए भी है क्या?

सोचिए उन 74 जवानों के परिवारवालों के बारे में. उन पर क्या गुजर रही होगी.कइयों के छोटे बच्चे होंगे.. कुछ की बेटियां हाथ पीले करने के इंतज़ार में होंगी तो किसी के माता-पिता इलाज के लिए बेटे की घर-वापसी का रास्ता देख रहे होंगे.लेकिन अब देश के अलग-अलग
 
अखिलेश शर्मा
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नक्सलियों की एक और फौज बनाने की तैयारी...

क्या बांध और शादी में कोई संबंध है? किसी और के पास इसका जबाव नहीं होगा, लेकिन अगर मध्य प्रदेश के खरगौन जिले के पथराड़ गांव के लोगों से बात करेंगे, तो आपको इसका जवाब मिलेगा और वह भी हां में। गांव के पास ही स्थित महेश्वर में नर्मदा नदी पर बन रहे बांध के
 
रीतेश पुरोहित
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कमतर क्यों आंके जाते हैं नक्सली हमले?

पश्चिम बंगाल में अब तक के सबसे बड़े हमले में २४ जवानों की मौतपुणे की जर्मन बेकरी में शनिवार शाम हुए धमाके ने नौ लोगों को मौत की नींद सुला दिया। यह आतंकी घटना थी, इसलिए न केवल देश के सभी राजनीतिक दलों ने एक स्वर में इसकी निंदा की, बल्कि इसकी गूंज दुनियाभर
 
रंजन राजन
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केन्द्र की खिल्ली उड़ा रहे हैं माओवादी

अब घातक होगी सरकार ढिलाई भुवनेश्वर से दिल्ली आ रही राजधानी एक्सप्रेस को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले में पांच घंटे तक बंधक बना कर माओवादियों ने केन्द्र सरकार को सीधी चुनौती देने के साथ ही अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। एक तरफ केन्द्र सरकार लगातार माओव
 
Defence Review
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काट फैंकना ही होगा नासूर बना नक्सलवाद

माओवादियों की सहायता से लाल गलियारा बनाने की साजिश पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के छोटे से गांव नक्सलबाड़ी से शुरू हुआ नक्सलवादी आंदोलन ऐसा नासूर बन गया है जिसे काटकर निकाल फैंकने के अलावा भारत के पास दूसरा कोई चारा नहीं है। नक्सलवादी अब नेपाल के
 
Defence Review