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धर्म, सांप्रदायिकता और धर्म-निरपेक्षता : गोरख पाण्‍डेय (भाग दो)

'धर्म-निरपेक्षता' शब्‍द को उसके असली अर्थ में समझने की ज़रूरत आज पहले से ज्‍यादा मौजूद हैं। चूंकि इसी शब्‍द की आड़ में खोखली धर्म-निरपेक्षता गढ़ी और इस्‍तेमाल की गई वहीं सांप्रदायिकता के विरोध के लिए भी इसी गत्ते की तलवार का इस्‍तेमाल तथाकथित प्रगतिशील