नयी कविता/ लोकतंत्र की खुशहाली और शांति के लिए
इधर हमारी सरकार ने लोकतंत्र की खुशहाली और शांति के कुछ फार्मूलेजनहित में कर दिए हैं जारीअनुरोध है देश की जनता से कि वह जनता द्वारा ही चुनी गयीलोकप्रिय सरकार की बात मानकर लोकतंत्र के हाथ मजबूत करे.सबसे पहले तो जनता एक बड़ा काम यह करे किनेता-अफसरों के घरों
May 11 2010 10:00 PM



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