अनंत में विलीन हो गई नंदाजी की वाणी
जीवन के साथ उम्र की हद तयशुदा है;नंदाजी के नाम से पूरे मालवी-निमाड़ी जनपद के लाड़ले कृष्णकांत दुबे भी उससे अछूते नहीं रहे और उस अनंत आकाश में विलीन हो गए जहाँ से अब उनकी वाणी को सुना नहीं जा सकेगा. ज़माना बड़ा बेरहम है साहब और उसकी याददाश्त और ज़्यादा
Jan 04 2010 12:33 PM



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