धर्म एक मार्ग
इस चित्र को ध्यान से देखें, यह चित्र भगवत गीता के एक श्लोक की चित्रित व्याख्या है, जिसके अनुसार यह मानव शरीर एक रथ के समान है, जिसमें जीव यात्रा करता है |मानव शरीररूपी इस रथ के घोड़े मानव कर्मेन्द्रियाँ हैं, लगाम मन है, और सारथि बुद्धि है परन्तु जो चित्र
Feb 16 2010 05:16 PM



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