पसंद करें
1
नापसंद करें

धरातल

मनुष्य प्राणी है पृथ्वी लोक का। हर हाल में जुडे रहना है धरती से। जब छूट जाती है धरती, जीने लगता है देव लोक में, इंद्रियों के सहारे, बुद्धि के सहारे प्राणों के सहारे, तब उखड जाते हैं पांव जमीन से। जवाब देने लगता है शरीर, छूटने लगते हैं सहारे डरने लगता है
 
gulabkothari