कबीर के पद
कबीर माला मनहि कि , और संसारी भीख माला फेरे हरी मिले,गले रहट के देख II1IIकबीर जी कहते है कि मन का माला ही सच्चा होता है बाक़ी तो दिखावा है यदि माला फेरने से ही भगवान् मिलता है तो रहट के गले को देख कितनी बार वो माला फिरती रहती है . अर्थात मन से
Jun 14 2010 08:51 PM



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