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जनानी घाट पर साबुन लगाना मना है

कोलायत की दीवारों पर कुछ इबारतें बिखरी पड़ी थीं, अजीब-ओ-गरीब विज्ञापनों की शक्ल में। उनमें से कुछ चुनकर लाया हूं। एक दास्तान है, जो राजस्थान के बीकानेर से करीब 40 किलोमीटर इस जगह पर पसरी हुई है। इस दास्तान का नाम है श्रीकोलायत। यह एक छोटा सा कस्बा
 
विवेक आसरी
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प्रभाष जोशी के शोक में जश्न! : एक ईमेल

आज जैसे ही ईमेल बक्सा खोला। देखा एक ईमेल आई है। उसमें ऐसा कुछ नहीं है जिसे निजी की श्रेणी में रखा जाए बल्कि उसे पढ़कर लगा कि उसे विमर्श के लिए ही भेजा गया है। वह ईमेल यहां प्रस्तुत है।प्रभाष जोशी के शोक में जश्न " प्रभाष जोशी को गुजरे अभी चार महीने भी
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मुंबई किसकी? मेरी और क्या!

अफसोस, फिक्र और दुआ। ये तीन अहसास हैं, जो मुंबई के जिक्र के साथ मेरे मन में उठते हैं। मुंबई की फितरत बन गई है खबरों में रहने की और वह भी गलत बातों के लिए। यह मुंबई उन किस्सों का शहर नहीं रही, जिनमें उसे कभी मायानगरी कहा जाता था और कभी ड्रीम सिटी। अब
 
संजय खाती
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और उसने कानून में छेद कर दिया

विद्वानों का मानना है कि कानून बनता ही तोडऩे के लिए है। हालांकि मैं विद्वान नहीं हूं, लेकिन इस दर्शन में सौ फीसदी विश्वास करता हूं। वैसे, इसमें अविश्वास करने लायक कुछ है भी नहीं। सुबह से शाम तक सड़क से संसद तक इस देश में कानून का जितना पालन नहीं होता है,
 
प्रियरंजन झा
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हिंदी ही तो हमारी 'राष्ट्रभाषा' है

26 जनवरी से एक दिन पहले से ही टीवी पर 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' के नए वर्जन का शोर मचा था। प्रोमो देखकर मन में पूरा गीत देखने की उत्सुकता जगी थी। एक दिन बाद ही टीवी पर पूरा वर्जन देखा, एक-दो बार नहीं कई बार। यह पहले वाले से बेहतर है या नहीं, इस पर बहस कभी
 
शिवेंद्र चौहान
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अब वो अमर हो जाएंगे

अमर सिंह कहते हैं मैं समाजवादी बनूंगा मुलायमवादी नहीं। मुलायम के नाम से इतनी बेरूखी। वो तो आपके नेताजी हैं। आप उनके राइट हैंड, लेफ्ट हैंड, उनकी नाक, नाक के बाल, कान, उनकी लाज, उनकी साख, उनके धन, उनकी सम्पदा दिल, दिमाग, मन, मस्तिष्क, उनके सैफेई सब कुछ थे।
 
प्रभात शुंगलू
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पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं लिया, सही किया

पाकिस्तानी खिलाड़ियों की अनदेखी पर मीडिया हाथ धोकर आईपीएल फ्रैंचाइजियों के पीछे पड़ा हुआ है। कॉमेंटेटर्स और कॉलम्निस्ट्स एक स्वर से इस शर्मनाक भूल की निंदा कर रहे हैं। मगर, इस बारे में मेरी राय थोड़ी अलग है। इस बात पर बहस का कोई मतलब नहीं कि नीलामी शुरू
 
राजेश कालरा
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पाक खिलाड़ियों को नहीं लिया, सही किया

पाकिस्तानी खिलाड़ियों की अनदेखी पर मीडिया हाथ धोकर आईपीएल फ्रैंचाइजियों के पीछे पड़ा हुआ है। कॉमेंटेटर्स और कॉलम्निस्ट्स एक स्वर से इस शर्मनाक भूल की निंदा कर रहे हैं। मगर, इस बारे में मेरी राय थोड़ी अलग है। इस बात पर बहस का कोई मतलब नहीं कि नीलामी शुरू
 
राजेश कालरा
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भारतीय क्या कम नस्लवादी हैं!

ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हमला जारी है। पिछले दिनों एक भारतीय स्टूडेंट की हत्या कर दी गई और एक को जला डालने की कोशिश की गई। निश्चय ही वहां हमले झेल रहे स्टूडेंट्स और उनके परिवार के साथ पूरे देश की संवेदनाएं जुड़ी हैं। हम ऑस्ट्रेलिया में चल रहे नस्लवादी
 
प्रभात गौड़
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भारतीय क्या कम नस्लवादी हैं!

ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हमला जारी है। पिछले दिनों एक भारतीय स्टूडेंट की हत्या कर दी गई और एक को जला डालने की कोशिश की गई। निश्चय ही वहां हमले झेल रहे स्टूडेंट्स और उनके परिवार के साथ पूरे देश की संवेदनाएं जुड़ी हैं। हम ऑस्ट्रेलिया में चल रहे नस्लवादी
 
प्रभात गौड़
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पॉकेट में रॉकेट

टटोलकर देखिए, आपकी पॉकेट में रॉकेट हो सकता है। यकीन नहीं होता? अगर आपकी जेब में एटीएम कार्ड है, तो बहुत मुमकिन है कि उसमें रॉकेट का माद्दा हो। आपका एटीएम-कम-डेबिट कार्ड आपको उस दुनिया तक पहुंचा सकता है, जहां आपकी कई समस्याओं का अंत हो जाएगा। बिना कैश
 
रमेश तिवारी
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पॉकेट में रॉकेट

टटोलकर देखिए, आपकी पॉकेट में रॉकेट हो सकता है। यकीन नहीं होता? अगर आपकी जेब में एटीएम कार्ड है, तो बहुत मुमकिन है कि उसमें रॉकेट का माद्दा हो। आपका एटीएम-कम-डेबिट कार्ड आपको उस दुनिया तक पहुंचा सकता है, जहां आपकी कई समस्याओं का अंत हो जाएगा। बिना कैश
 
रमेश तिवारी
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बिल्डरों से बचना प्रणव बाबू

मिडल क्लास की भलाई की आड़ में बिल्डर लॉबी ने नई चाल चली है। पिछले हफ्ते गुरुवार को कई बिल्डर वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी से मिले। बिल्डर चाहते हैं कि इस साल के बजट होम लोन के इंट्रेस्ट और प्रिंसिपल रीपेमेंट पर टैक्स रिबेट बढ़ाई जाए। इनकम टैक्स अधिनियम के
 
शिवेंद्र चौहान
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चीन के सामने चींटी है भारत

कभी नहीं सोचा था कि दिल्ली के बीचों-बीच स्थित भारत का शो-पीस एग्जेबिशन सेंटर प्रगति मैदान चीन को लेकर हमें इतना कड़ा संदेश देगा। कुछ साल पहले तक यह भारत की उपलब्धियों को बाहरी दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का काम करता था। यहां की इमारतें, पविलियन सब
 
राजेश कालरा
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इंग्लिश के बिना तो काम नहीं चलेगा

यदि किसी के मन में सचमुच ग्लोबल सिटिजन बनने की लालसा हो तो उसका काम अंग्रेजी के बिना नहीं चल सकता। अंग्रेजी भविष्य का उपकरण है- फ्यूचर टूल। भाषाओं के बारे में किए गए एक मोटे सर्वे से यही नतीजा निकलता है। दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है चीन
 
बालमुकुंद
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कॉमनवेल्थ गेम्स: दिल्ली के हाथ में देश की नाक

कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर हर तरफ चिंता है। प्रधानमंत्री भी चिंतित हैं और मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भी। मेयर ने तो सभी उद्योगों को बंद करने की अभी से सलाह दे दी है ताकि विदेशी आएं तो उन्हें दिल्ली का दामन प्रदूषण से काला महसूस न हो। कम से कम ऊपरी तौर पर ही
 
दिलबर गोठी
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दिल्ली में ठाकरे का 'क्लोन'

मुंबई से किसी भी मामले में दिल्ली पीछे क्यों रहे ? मुंबई फाइनैंशल कैपिटल है तो दिल्ली क्राइम कैपिटल। मुंबई मराठी मानुस की है तो दिल्ली अमानुस की। मुंबई में ठाकरे हैं तो दिल्ली में भी कोई वैसा ही बड़बोला , तुनकमिजाज , तानाशाह, थोड़ा सनकी और लोगों को ब
 
शिवेंद्र चौहान
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आ रहा है, भविष्य का एक अछूता टुकड़ा

जल्द ही 2009 चला जाएगा और 2010 का आगाज होगा। लेकिन वह क्या चीज है जो एक सेकंड को दूसरे से, एक दिन को दूसरे दिन से और एक साल को दूसरे साल से अलग करती है? कुछ नहीं। टाइम एक बिना जोड़ का धागा है अनंत तक पसरा हुआ, वे हम हैं, जो इसे अपनी सहूलियत के लिए टु
 
संजय खाती
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ओबामा को देख मास्टरजी याद आते हैं

प्रेजिडेंट ओबामा जब नोबेल लेने गए तो अपने भाषण में उन्होंने कहा, 'शांति की स्थापना में युद्ध की भी अपनी भूमिका होती है।' मुझे अपने स्कूली दिन याद आ गए, जब हमलोग वाद-विवाद की प्रैक्टिस किया करते थे। एक पार्टी को साबित करना होता था कि बुद्धि बड़ी होती
 
बालमुकुंद
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कोपेनहेगन मे उपनिवेशवाद की खुरचन

कोपेनहेगन, डेनमार्क का एक साफ सुथरा दानिश शहर है जहां दिन के समय भी इतना कोहरा रहता है कि कारों को चैबीस घंटे लाइट्स ऑन करके चलने का नियम है। भारतीय भी काफी रहते हैं। और अध्यात्मिक प्रवचनों के लिए भारत से काफी महात्मा जाते हैं जिनमें स्वामी ब्रह्मदेव
 
तरुण विजय
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बताओ, उस दिन क्या हुआ था टाइगर वुड्स

इतना तय है कि वह जंगल में छिपा शेर नहीं है कि किसी की नजर उस पर पड़नी ही नहीं चाहिए। लिहाजा दुनिया के जाने-माने गॉल्फर टाइगर वुड्स को लेकर इस कदर शोर मचना ही था। आखिरकार इस कहानी में वह सब कुछ है, जिसकी तलाश अखबारों के रीडर्स और टीवी के व्यूअर्स को र
 
संजय खाती
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रेग्युलर करियर ऑप्शन बन रहा है शेयर कारोबार

जॉब का ब्यौरा : हफ्ते में पांच दिन ड्यूटी। रोज करीब छह घंटे तक कंप्यूटर से मिल रही सूचना पर फैसला लेना। टेबल पर हाथ पटक कर खुशी और गम जताने के अलावा कोई शारीरिक मेहनत नहीं।   क्वॉलिफिकेशन: ठीकठाक पूंजी हो। हिसाब-किताब रखना अच्छी तरह आए। कंप्यूटर
 
रमेश तिवारी
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सिर्फ खूबसूरती पर फिदा हो गए!

कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए दिल्ली के रंग-रूप को चार चांद लगाने में एक तरफ तो मेट्रो और दूसरी तरफ लो फ्लोर बसों का खासा योगदान माना जा सकता है। हरी और लाल लो फ्लोर बसें जब सड़कों पर इठलाती-बलखाती चलती हैं , तो मन का गदगद हो जाना स्वाभाविक ही है। एक संकेत
 
दिलबर गोठी
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महंगाई? कहां है महंगाई?

बाकी कुछ बचा तो महंगाई मार गई... यह बाप के जमाने का गाना है, आपके जमाने का नहीं। इतनी महंगाई के बावजूद कोई यह गाना गाता नजर नहीं आता, क्योंकि लोग परेशान नहीं है। इससे इनकार नहीं कि महंगाई तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन यह भी सच है कि इसका असर लोगों पर वै
 
रमेश तिवारी
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यमुनापार दिल्ली इतनी दूर क्यों?

नदिया के पार' - भले ही यह किसी उपन्यास, फिल्म या कहानी का टाइटल प्रतीत होता हो लेकिन यमुनापार में रहने वाले लाखों लोगों के लिए यह किसी कड़ी कसरत का नाम है। उनके लिए आज भी इस पार या उस पार जाना उतना ही मुश्किल है जितना 100 साल पहले किसी नाव पर बैठकर न
 
दिलबर गोठी
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26/11 पर मातम मनाने का कंपटीशन

यूनिसेफ द्वारा जारी 'स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स चिल्ड्रेन' की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पांच साल से कम उम्र के पांच हजार बच्चों की  हर रोज मौत होती है। यह मृत्यु ऐसे साधारण कारणों से होती है, जिसे अच्छी खुराक दे कर या समय पर इलाज दे कर रोका जा स
 
बालमुकुंद
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26/11 पर मातम मनाने का कंपटीशन

यूनिसेफ द्वारा जारी 'स्टेट ऑफ द वर्ल्ड्स चिल्ड्रेन' की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पांच साल से कम उम्र के पांच हजार बच्चों की  हर रोज मौत होती है। यह मृत्यु ऐसे साधारण कारणों से होती है, जिसे अच्छी खुराक दे कर या समय पर इलाज दे कर रोका जा स
 
बालमुकुंद
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इस बंद को तो अब बंद ही कर दो

हाय ... हाय ... महंगाई। बीजेपी ने यही तो नारा लगाया लेकिन फिर भी बंद सफल नहीं हो पाया। कुछ बाजार - कुछ दुकानें बंद रहीं और कुछ जगह ट्रैफिक जाम हुआ लेकिन महंगाई होते हुए भी दिल्ली वालों की हमदर्दी या समर्थन बीजेपी के बंद के साथ नहीं जुड़ पाया। बीजेपी
 
दिलबर गोठी
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मेट्रो के साथ एडवेंचर का मजा

मेट्रो ट्रेन फिर ठप हो गई।  राजीव चौक के पास फंस गई। सुरंग में फंसकर यात्री परेशान हो गए। 1- इस खाकसार का सुझाव है कि मेट्रो वालो को ट्रेन यात्रा के साथ एडवेंचर गेम्स के पैसे भी चार्ज कर लेने चाहिए। द्वारका से राजीव चौक के सफर के एडवेंचर गेम का
 
आलोक पुराणिक
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चीन बोले, भौं-भौं, हम बोलें, म्याऊं-म्याऊं

ओबामा चीन आए और भारत सरकार और भारतीय मीडिया को परेशान करके चले गए। उन्होंने भारत-पाकिस्तान में शांति कायम रखने के मसले पर चीन को भी इन्वॉल्व किया – कम से कम कोशिश तो ज़रूर की। उन्होंने कहा कि ‘ क्षेत्र में शांति ’ के लिए चीन को अहम भूमिका निभानी होगी
 
राजेश कालरा
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मेट्रो मैन, अब तो कुछ करिए

बहुत शोर सुनते थे पहलू में दिल का'। सचमुच मेट्रो दिल्ली का दिल ही तो है लेकिन दिल की धड़कन अचानक थमने क्यों लगी है? यह तो परफेक्ट दिल था। अब इसे क्या हो रहा है। मेट्रो दिल्ली का आइकन बन गई है। इसीलिए दिल्ली आकर लोग लाल किला या कुतुब मीनार की बजाय मेट
 
दिलबर गोठी
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टाइटैनिक डूबने वाला है, थोड़ा सो लें

में तो दुनिया का खात्मा होने के कोई चांस नहीं हैं। कम-से-कम इतना दावा करने में मुझे कोई हिचक नहीं है। माया सभ्यता के जिन लोगों के कैलंडर के हिसाब से यह कल्पना की जा रही है , उन्हें खुद अपने सफाये का अंदाजा नहीं रहा। पुराने जमाने की तमाम कौमें , जिन्ह
 
संजय खाती
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टाइटैनिक डूबने वाला है, थोड़ा सो लें

में तो दुनिया का खात्मा होने के कोई चांस नहीं हैं। कम-से-कम इतना दावा करने में मुझे कोई हिचक नहीं है। माया सभ्यता के जिन लोगों के कैलंडर के हिसाब से यह कल्पना की जा रही है , उन्हें खुद अपने सफाये का अंदाजा नहीं रहा। पुराने जमाने की तमाम कौमें , जिन्ह
 
संजय खाती
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चीन बोले, भौं-भौं, हम बोलें, म्याऊं-म्याऊं

ओबामा चीन आए और भारत सरकार और भारतीय मीडिया को परेशान करके चले गए। उन्होंने भारत-पाकिस्तान में शांति कायम रखने के मसले पर चीन को भी इन्वॉल्व किया – कम से कम कोशिश तो ज़रूर की। उन्होंने कहा कि ‘ क्षेत्र में शांति ’ के लिए चीन को अहम भूमिका निभानी होगी
 
राजेश कालरा
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“भारत रत्न” तेंडुलकर – एक ट्रैजिक हीरो..!

मोहनदास करमचंद गांधी ने देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी तो दिला दी मगर तमाम कोशिशों के बावजूद देश को एक नहीं रख पाये। ये उनकी लाइफ की सबसे बड़ी ट्रैजेडी रही। जिस हिंदू-मुस्लिम एकता का सपना उन्होंने देखा वो आज़ादी के 62 साल बाद भी महज एक सपना ही ल
 
प्रभात शुंगलू
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मेट्रो के साथ एडवेंचर का मजा

मेट्रो ट्रेन फिर ठप हो गई।  राजीव चौक के पास फंस गई। सुरंग में फंसकर यात्री परेशान हो गए। 1- इस खाकसार का सुझाव है कि मेट्रो वालो को ट्रेन यात्रा के साथ एडवेंचर गेम्स के पैसे भी चार्ज कर लेने चाहिए। द्वारका से राजीव चौक के सफर के एडवेंचर गेम का
 
आलोक पुराणिक
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तू दाल-दाल, मैं पात-पात

महंगी दाल पर मीडिया में इतना कुछ लिखा जा चुका है कि उसे मिला दें तो दाल-ग्रंथ बन जाए। लेकिन आज आखबार में दिल्ली सरकार ने एक विज्ञापन दिया तो लगा कि इस दाल-ग्रंथ में संपुट * तो जोड़ा ही जा सकता है। विज्ञापन में लिखा है : पीली मटर दाल – वाजिब दाम पर उच
 
शिवेंद्र चौहान
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VIP सिक्योरिटी...आखिर हम क्यों भुगतें?

इस देश में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था किस कदर आम लोगों पर भारी पड़ रही है , कल इसका एक और नमूना देखने को मिला। चंडीगढ़ के एक हॉस्पिटल में एक सीरियस पेशंट सिर्फ इसलिए दाखिल तक नहीं हो पाया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह उस   हॉस्पिटल का दौरा कर रहे थे।
 
राजेश कालरा
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कनेक्शन बदलने की आजादी दे दो

बिजली इस शहर के हर शख्स की परेशानी का सबब रही है। कभी वह हजारों- लाखों के बिल बनकर गिरती है तो कभी घंटों गुल होकर। राजनीतिक दलों को भी यह झटके देती रहती है - कभी मुद्दा बनकर और कभी सब्सिडी हटने पर चुनाव हराकर। पहली बार प्राइवेट कंपनी पर बिजली गिरी है
 
दिलबर गोठी
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“मुझसे पहली सी मुहब्बत, मेरे महबूब ना मांग…”

जीव जब तक धरती पर हैं, तबतक प्रेम भी है. इंसान की दुनिया में प्रेम पर जब तब रोक टोक लगती रहती है, मगर प्रेम का कभी खात्मा नहीं होता. आज भी प्रेम की गाथाएं राधा कृष्ण से ले कर रोमियो जूलियट, शीरीं फरहाद, लैला मजनू के किस्सों के रूप में जन मानस में जीव
 
विभा रानी