पसंद करें
8
नापसंद करें

मैंने जो किया वह सही है पर फिर भी अकेला हूँ क्यों ?-- (मिथिलेश दुबे)

कुछ भी सही लगता रहा न जाने क्यों गलत होते हुए भी ? हमेशा से एक तलाश अधूरी लिए दिल के कोने में कभी नहीं भटका अचानक ही कुछ ऐसा जिसकी मुझे जरूरत थी पर शायद उम्मीद तो कभी भी न थी । पहली मुलाकात की याद शायद ही कभी जेहन से उतर पाये । इन सब के बीच खुद इतना खुश
 
Mithilesh dubey
पसंद करें
5
नापसंद करें

ढकोसला नंद महाराज को चाहिए मल्लिका से गर्मी , हिन्दी ब्लोगिंग में ये कब से होने लगा , शर्म नहीं आती इनकों

जी हाँ बिल्कुल सही सुना आपने, शायद ऐसे बाबा और साधू के बारे में आप लोग पहली बार सुन रहें हों कि येमहाराज अपने भक्तो से कह रहें कि बच्चा ठंड बहुत ज्यादा बढ गयी है , कोई मल्लिका जैसी चेली भेजो जो मुझे गर्मी प्रदान कर सके इस ठंड में ,। सुनकर बडा अजीब लगता
 
Mithilesh dubey