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पसीने की धारा-हिन्दी व्यंग्य कवितायें

कभी मेरे बहते हुए पसीने पर तुम तरस न खाना, यह मेरे इरादे पूरे करने के लिये बह रहा है मीठे जल की तरह, इसकी बदबू तुम्हें तब सुगंध लगेगी जब मकसद समझ जाओगे। सिमट रहा है ज़माना वातानुकुलित कमरे में सूरज की तपती गर्मी से लड़ने पर जिंदगी थक कर आराम से सो जाती,
 
दीपक भारतदीप
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रहस्य-हिन्दी शायरी

दौलत, शौहरत और ताकत का नशा भले चंगे को रास्ते से भटका देता है, शिखर पर पहुंचे हैं जो दरियादिल उनसे जज़्बाती हमदर्दी का उम्मीद करना बेकार है, क्योंकि हो जाते हैं उनके सपने पूरे पर दर्द के अहसास मर जाते हैं। हाथ फैलायें खड़े हैं नीचे उनसे दया की आशा करने
 
दीपक भारतदीप
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अपनी जिंदगी-हिन्दी शायरी (apni zindagi-hindi shayari)

यकीन करो दूसरों के अधिकार और उद्धार की लड़ाई लड़ने की बात जो करते हैं वह संजीदा नहीं है, क्योंकि उधार के ख्याल पर गुजारी है उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी। सारी उम्र लगा दी लोगों का भला करते हुए पर एक बंदा भी वह खुश नहीं दिखा सकते, ज़माने के कमजोर मोहरे ही सोच
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बौनेपन का अहसास-हिन्दी शायरी

हम जो भी दृश्य देखते उस पर सोचने लगते हैं, अपने अंतर्मन में पहले से ही स्थित तयशुदा विश्लेषणों के अनुसार उस पर निकालते हैं निष्कर्ष। हम कुछ सुनते हैं उस पर वैसे ही सोचते हैं जैसे कि पहले सुना हो। हम स्पर्श करते हैं फूल या लोहा बेपरवाह होकर जैसे कि उनको
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काली कारतूत पर साधुता की संज्ञा लिखाते-हिन्दी व्यंग्य कविता

शौहरत के शिखर पर वह बैठे हैं नीचे आने से उनको डर लगता है, उनके ऊंचे इंसान होने का वहम बना हुआ है लोगों में नीचे आने पर अपने बौने चरित्र की पहचान होने से उनका दिल घबड़ाने लगता है। ———- साधु ही हमेशा मौन की राह नहीं अपनाते, कसूरवार भी उसकी
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हिन्दू धर्म संदेश-नीच स्वभाव होने पर ऊंचे कुल का सम्मान नहीं मिलता

य ईर्षुः परवित्तेषु रूपे वीर्य कुलान्वये। सुखभौभाग्यसत्कारे तस्य व्याधिनन्तकः।। हिंदी में भावार्थ-जो दूसरे का धन, सौंदर्य, शक्ति और प्रतिष्ठा से ईर्ष्या करता है उसकी व्याधि की कोई औषधि नहीं है। न कुलं वृत्तही प्रमाणमिति मे मतिः। अन्तेध्वपि हि जातानां
 
दीपक भारतदीप
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वक्त पड़े तो वह दिल भी बदल लेते हैं-हिन्दी शायरी

किसी के एक चेहरे की एक अदा पर यकीन न किया करो बाज़ार के सौदागरों के इशारों पर अदाकार कभी मुखौटे तो कभी अदायें बदल लेते हैं। तुम अपने जज़्बातों पर काबू रखो जुबां से भले ही तारीफ करो पर दिल मत लगाओ उनकी अदाओं में वक्त पड़े तो वह दिल भी बदल लेते
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असली और नकली जांबाज-हिन्दी शायरी

मैदान पर लड़ते कम किनारे पर खड़े दिखाते दम कागजी जांबाजो के करतब कभी अंजाम पर नहीं पहुंचे पर हर पल उनको अपनी आस्तीने ऊपर करते हमने देखा है। कीर्तिमान बहुत सुनते हैं उनके पर कामयाबी के नाम पर खाली लेखा है। ———- पत्र प्रारूप पर हाशिए पर नाम
 
दीपक भारतदीप
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कामयाबी और खौफ-हिन्दी शायरी

अपनी कामयाबी भी उनको तब तक हज़म नहीं हो पाती है, जब तक दूसरे की नाकामी की खबर उनके पास न आती है। दुनियां का यही दस्तूर है मूर्खों का भी क्या कसूर है सभी लोगों दूसरे की छोटी लकीर से बड़ी लकीर खींचना नहीं आती है। ——— हर रोज वह कामयाबी के
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नैतिकता की बात-हिन्दी व्यंग्य कविता

आपस में जाम टकराते हुए लोग नैतिकता की बात करने लग जाते हैं, फिर सुनाते हैं अपनी कमाई के नुस्खे जैसे दो नंबर की कमाई एक नंबर की हो सीना फुलाकर उसकी कहानी सुनाते है।। बहुत अच्छा लगता है आदर्श और नैतिकता की बात करते हुए बशर्त है आदमी स्वयं से छिप सकता
 
दीपक भारतदीप
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सर्वशक्तिमान और शैतान-हिन्दी हास्य व्यंग्य कथा

सर्वशक्तिमान को यह अहसास होने लगा था कि संसार में उनका नाम स्मरण कम होता जा रहा था। दरअसल अदृश्य सर्वशक्तिमान सारे संसार पर अनूभूति से ही नियंत्रण करते रहे थे और लोगों की आवाज तभी उन तक पहुंचती थी जब उनके हृदय से निकली हो। अपनी अनुभूति के परीक्षण के लिये
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नीलामी में इनाम-हास्य कविता

आशिक जूझ रहा था क्रिकेट खिलाड़ी बनने के लिये तो माशुका भी खड़ी थी फिल्म अभिनेत्री बनने की पंक्ति में कई उसने साक्षात्कार भी दिये। बढ़ते जा रहे थे दोनों के कदम इश्क के साथ अपने लक्ष्य की तरफ भी सफलता के लिये। पर आशिक की चिंतायें बढ़ रही थी रौशन करना चाहता था
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इश्क में सच-हास्य कविता (ishq aur sach-hasya kavita)

आशिक शिष्य ने अपने इश्क गुरु से कहा ‘‘आदरणीय फिर एक माशुका मेरी जिंदगी में आई पर उसने मेरा इश्क का मामला मंजूर करने से पहले सच बोलने वाली मशीन के सामने साक्षात्कार की शर्त लगाई। आपसे सलाह लेकर अपने इश्क के मसले सुलझाने में पहले भी मदद नहीं मिली इसलिये इस
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धर्म और अवतार-हिंदी हास्य कविता

फंदेबाज मिला रास्ते में और बोला ‘चलो दीपक बापू तुम्हें एक सम्मेलन में ले जायें। वहां सर्वशक्तिमान के एक नये अवतार से मिलायें। हमारे दोस्त का आयोजन है इसलिये मिलेगा हमें भक्तों में खास दर्जा, दर्शन कर लो, उतारें सर्वशक्तिमान का इस जीवन को देने का
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क्रिकेट खेल के साथ दूसरी बातें भी जुड़ी हैं-हिन्दी आलेख

भारत में चलने वाली एक क्लब स्तरीय प्रतियोगिता में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नीलामी में किसी ने नहीं खरीदा तो दोनों देशों में हो हल्ला मच गया है। किसी मनुष्य की नीलामी! बहुत आश्चर्य हो रहा है! यह तो गनीमत है कि इस देश में अधिकतर संख्या अभी भी अशिक्षित और
 
दीपक भारतदीप