बडे बेआबरू हो कर 'उस' कूचे से हम निकले...
इंसान एक जगह टिक कर नहीं बैठ सकता. और फिर अगर आप मीडिया में हों तब तो कभी एक जगह टिक ही नहीं सकते. और सही भी है आगे बढने का हक तो सभी को है.. में तो अक्सर अपने दोस्तों से कहता हूं की 'छोटे सपने देखना पाप है'... हुआ यूँ की कुछ दिन पहले मैं एक नई मासिक
Apr 26 2009 07:57 AM



Shuffle








