तबस्सुम
तेरे व्होंठो पे जब भी तबस्सुम दिखे ,मेरे दिल मे ग़ुनाहों का मौसम बने।गेसुयें तेरी लहराती है इस तरह , गोया बारिश के लश्कर का परचम तने।तेरी तस्वीर को जब भी शैदा करूं , तो मेरी आंखों से सूर्ख शबनम बहे ।दूर हूं तुझसे पर ख्वाहिशे दिल यही , दिल मे तू ही रहे या
Jun 09 2010 08:39 AM



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