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दरअसल :सूचनाओं का व्‍यसन है ट्विटर

-अजय ब्रह्मात्‍मज पिछले दिनों अमिताभ बच्चन भी ट्विटर पर आ गए। उन्होंने अपना नाम सीनियर बच्चन रखा है। यह ठीक भी है, क्योंकि अभिषेक बच्चन पहले से ही जूनियर बच्चन के नाम से ट्विट कर रहे हैं। बच्चन पिता-पुत्र के साथ हिंदी फिल्मों के अनेक सितारे ट्विटर पर
 
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दरअसल:मेनस्ट्रीम सिनेमा में नार्थ-ईस्ट के किरदार

-अजय ब्रह्मात्‍मजपिछले दिनों एक फिल्म आई थी बदमाश कंपनी। यशराज फिल्म्स के लिए इसे परमीत सेठी ने निर्देशित किया था। फिल्म का विषय पुराना था, लेकिन उसकी प्रस्तुति नई थी। हीरो के भटकने और फिर सुधरने की फिल्में हम सातवें और आठवें दशक में खूब देखते थे। खासकर
 
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दरअसल:क्यों पसंद आई हाउसफुल?

-अजय ब्रह्मात्‍मज हाउसफुल रिलीज होने के दो दिन पहले एक प्रौढ़ निर्देशक से फिल्म की बॉक्स ऑफिस संभावनाओं पर बात हो रही थी। पड़ोसन, बावर्ची और खट्टा मीठा जैसी कॉमेडी फिल्मों के प्रशंसक प्रौढ़ निर्देशक ने अंतिम सत्य की तरह अपना फैसला सुनाया कि हाउसफुल नहीं
 
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दरअसल:क्यों पसंद आई हाउसफुल?

-अजय ब्रह्मात्‍मज हाउसफुल रिलीज होने के दो दिन पहले एक प्रौढ़ निर्देशक से फिल्म की बॉक्स ऑफिस संभावनाओं पर बात हो रही थी। पड़ोसन, बावर्ची और खट्टा मीठा जैसी कॉमेडी फिल्मों के प्रशंसक प्रौढ़ निर्देशक ने अंतिम सत्य की तरह अपना फैसला सुनाया कि हाउसफुल नहीं
 
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दरअसल : बनेंगी प्रादेशिक फिल्‍में

-अजय ब्रह्मात्‍मजमुंबई में बन रहीं हिंदी फिल्में तेजी से मेट्रो और मल्टीप्लेक्स के दर्शकों की रुचि के मुताबिक बदल रही हैं। किसी भी प्रोडक्ट की मार्केटिंग में उसके टार्गेट गु्रप की पसंद-नापसंद का खयाल रखा जाता है। ज्यादातर कंज्यूमर प्रोडक्ट इसी तरीके से
 
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दरअसल : नहीं करते हम लेखकों का उल्लेख

-अजय ब्रह्मात्‍मजपिछले दिनों एक लेखक के साथ लंबी बैठक हुई। वे साहित्यिक लेखक नहीं हैं। फिल्में लिखते हैं। उनकी कुछ फिल्में पुरस्कृत और चर्चित हुई हैं। हाल ही में उनकी लिखी फिल्म वेलडन अब्बा की समीक्षकों ने काफी तारीफ की। वे समीक्षकों से बिफरे हुए थे।
 
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दरअसल : हिंदी फिल्मों में बढ़ते इंग्लिश संवाद

-अजय बह्मात्‍मज हमारे समाज में इंग्लिश का चलन बढ़ा है और बढ़ता ही जा रहा है। हम अपनी रोजमर्रा की बातचीत में बेहिचक इंग्लिश व‌र्ड्स का इस्तेमाल करते हैं। अभी तो यह स्थिति हो गई है कि ठीक से हिंदी बोलो, तो लोगों को समझने में दिक्कत होने लगती है। इसी वजह से
 
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दरअसल

-अजय ब्रह्मात्‍मज फिल्मों के विषय, संवाद और रेफरेंस के संबंध में पैदा हो रहे नित नए विवादों के मद्देनजर सेंसर बोर्ड कुछ ज्यादा ही सावधान हो गया है। जब भी किसी फिल्म के प्रसंग में कोई आपत्ति उठती है, तो सेंसर बोर्ड को भी अनायास कठघरे में खड़ा किया जाता
 
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दरअसल : ख्वाबों को जगाते थे साहिर

-अजय ब्रह्मात्‍मजकिस्सा मशहूर है कि गीतकार-शायर साहिर लुधियानवी अपनी फिल्मों के पारिश्रमिक के तौर पर संगीतकार से एक रुपया ज्यादा लिया करते थे। इसी बात पर कभी एस.डी.बर्मन से उनकी ठन गई थी। दोनों ने प्यासा के बाद कभी साथ काम नहीं किया। आज जब गीतकार रॉयल्टी
 
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दरअसल : मुनाफा बांटने में हर्ज क्या है ?

-अजय ब्रह्मात्‍मज मानव संसाधन विकास मंत्रालयके के अधीन गठित कॉपीराइट संशोधन समिति से आमिर खान ने इस्तीफा दे दिया है। उन्हें ऐसा लगा कि जावेद अख्तर के हवाले से छपी खबरों में उन्हें बेवजह निशाना बनाया गया है और उनकी छवि धूमिल की गई है। ऐसा संकेत मिल रहा था
 
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दरअसल: पा‌र्श्व गायन बढ़ती भीड़, खोती पहचान

-अजय ब्रह्मात्मज हिंदी फिल्मों के पा‌र्श्व गायन में बड़ा परिवर्तन आ चुका है। अभी फिल्मों में अनेक गीतकार और संगीतकारों के गीत-संगीत के उपयोग का चलन बढ़ गया है। कुछ फिल्मों में छह से अधिक गीतकार और संगीतकार को एक-एक गीत रचने के मौके दिए जाते हैं। गायकों
 
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दरअसल : पद्म पुरस्कारों का छद्म

-अजय ब्रह्मात्‍मजसवाल उठ रहा है कि क्या सैफ अली खान को अभी पद्मश्री से सम्मानित करना उचित है, जबकि फिल्म इंडस्ट्री के अनेक सीनियर अभी तक पद्म सम्मानों से वंचित हैं। एक्टिंग के क्षेत्र में ही सैफ से अधिक योगदान कर चुके कलाकारों की लंबी फेहरिस्त बनाई जा
 
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दरअसल:अनुराग, इम्तियाज और विशाल

-अजय ब्रह्मात्मज अपनी पसंद की फिल्मों के बारे में लिखना सहज नहीं होता। साल की 100 से अधिक फिल्मों में से श्रेष्ठ फिल्मों को चुनना व्यक्तिगत अभिरुचि के साथ इस तथ्य पर भी निर्भर करता है कि व्यापक दर्शक वर्ग ने उन फिल्मों को कैसे रिसीव किया? सन 2009 की बात
 
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दरअसल : महत्वपूर्ण फिल्म है रोड टू संगम

अजय ब्रह्मात्‍मज पिछले दिनों मुंबई में आयोजित मामी फिल्म फेस्टिवल में अमित राय की फिल्म रोड टू संगम को दर्शकों की पसंद का अवार्ड मिला। इन दिनों ज्यादातर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दर्शकों की रुचि और पसंद को तरजीह देने के लिए आडियंस च्वॉयस अवार्ड दि
 
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दरअसल:हर भावना स्वार्थ से प्रेरित नहीं होती

अजय ब्रह्मात्मज पहले अमिताभ बच्चन, फिर आमिर खान और बाद में मधुर भंडारकर ने आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर हो रहे नस्लवादी हमलों की निंदा की है। सभी ने अपने ब्लॉग और स्तंभ में कड़े शब्दों में विरोध दर्ज किया और अपनी भावनाएं व्यक्त करने में कोताही न
 
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