दर कदम दर चल राही
रे राही ,रे राही रेना कर अभिमानदर कदम दर चलनहीं तोगिर तू जायेगाना सोच सीधेसातवाँ आसमां पाने कीरे राही ,रे राही रेधीरे चलपायेगा तू हर आसमांदर कदम दर चलकरेगा तू हर आसमां को पाररे राही रे ...
Apr 04 2010 11:04 AM



Shuffle








