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द स्‍टेशन एजेंट

इस संशयभरे समय में अब कभी कैसा सुखद संयोग होता है कि फ़ि‍ल्म देखते हुए कोई चमकदार चालाकी देख रहे हों जैसी अनुभूति नहीं होती. सामान्य लोगों के लगभग घटनाविहीन जीवन-प्रसंगों के चित्र गरिमा के सुलगते बिम्बि बन जाते हैं, और मन उसमें धंसा देरतक चिटकता रहे,