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चीनी बिना मर तो नहीं जाओगे

जैसे ही चाय की चुस्की ली, तोताराम अजीब सा मुँह बनाकर बोला- यह क्या, चीनी बिलकुल नहीं है । हमने कहा- ऐसी बात नहीं है । हो सकता है नीची पेंदे में हो, अच्छी तरह मिली न हो । कई देर तक चम्मच हिलाने के बाद जब घूँट लिया तो बोला- अरे, जब कप में होगी ही नहीं तो
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अच्छा तालिबान

[सन्दर्भ- अमरीका ने अफगानिस्तान के थ्रू अच्छे तालिबानों को हथियार छोडने के बदले नकद, ज़मीन, नौकरी और राजनीति में हिस्सेदारी देने की पेशकश की, २७-१-२०१ ]1.हुआ यूँ कि रात को दो बजे ही नींद खुल गई । जब कई देर तक नींद नहीं आई तो सोचा कि कुछ पढ़ ही लें ।
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शरद पवार की हाथापाई और ज्योतिष व महँगाई

लोग भी बड़े अज़ीब हैं । अपनी नाक का रेंट तो पोंछा नहीं जाता और पीछे पड़ने लगे बेचारे शरद पवार के । सत्तर साल की उम्र, आवाज़ लड़खड़ाती और सारे देश की खाद्यान्न समस्या का भार सिर पर । भविष्य भी किसी को मालूम होता है क्या ? भविष्य तो भगवान राम और कृष्ण को भी
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बदी में से नेकी - महँगाई के फ़ायदे

आज कई बरसों बाद इतनी ठण्ड पड़ रही थी । कोई दो डिग्री तापमान था । न तो बिजली थी और न ही सूर्य भगवान उदय हुए थे । ठण्ड से बचने का पारंपरिक उपाय अपनाने लगे । झाड़ू से गली के पालीथीन और गुटकों के रेपर इकट्ठे किये और उनमें माचिस लगा दी । लपट उठी और सर्दी
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तोताराम के तर्क और कहाँ है महँगाई ?

छब्बीस जनवरी को ठीक आठ बजे जनपथ पथ पर राष्ट्रपति झंडा फहराते हैं और परेड की सलामी लेते हैं । आज तोताराम थोड़ा ज़ल्दी आ गया था सो दोनों चाय पीते हुए टी.वी. देख रहे थे कि तभी ठीक आठ बजे दरवाज़े पर दस्तक हुई । जैसे ही हम दोनों ने दरवाज़ा खोला तो एक भव्य आकृति
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तोताराम का सन्यास

आज तोताराम को आने में कुछ देर होगी । अकेले ही चाय पी रहे थे । तभी भगवा वस्त्रधारी एक आकृति हमारे सामने प्रकट हुई । हमें बड़ा अजीब लगा । ठीक है भीख माँगना साधुओं का वैसा ही संवैधानिक अधिकार है जैसा कि समाज सेवकों का चंदा माँगना, दादाओं का रंगदारी वसूल